मोबाइल कनेक्शन की संख्या पर नजर रखने के लिए दूरसंचार विभाग ने नियमों को और सख्त किया है. 17 अगस्त के निर्देश में कंपनियों को सरकारी डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म की मदद लेने को कहा गया है. नई व्यवस्था के तहत तय सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की पहचान फोटो के आधार पर भी की जाएगी.
DoT के नए निर्देश के अनुसार, जिन ग्राहकों के नाम पहले से नौ मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं, उनकी प्रतिनिधि तस्वीरें 23 अगस्त से Digital Intelligence Platform पर टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएंगी. कंपनियों को इन तस्वीरों को रोज डाउनलोड करना होगा और नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले ग्राहकों से मिलान करना होगा.
मौजूदा नियम के मुताबिक एक व्यक्ति देशभर में अलग-अलग कंपनियों से अधिकतम नौ मोबाइल कनेक्शन रख सकता है. जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा छह कनेक्शन है. नई व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग कंपनियों या सेवा क्षेत्रों के जरिए तय सीमा से ज्यादा SIM लेने की कोशिश को रोकना है.
निर्देश के मुताबिक 24 अगस्त से टेलीकॉम ऑपरेटरों को ऐसे ग्राहकों की पहचान के लिए तकनीकी और संगठनात्मक व्यवस्था लागू करनी होगी. यदि कोई व्यक्ति पहले ही निर्धारित सीमा पूरी कर चुका है, तो कंपनी उसे नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं करेगी. शुरुआत में यह जांच अगले दिन यानी D+1 आधार पर की जाएगी. बाद में इसे ग्राहक पंजीकरण और SIM सक्रिय करने की प्रक्रिया में वास्तविक समय के साथ जोड़ना होगा. DoT ने इसके लिए 30 नवंबर तक की समयसीमा तय की है. संक्रमण अवधि में अगर सीमा से अधिक कोई कनेक्शन सक्रिय हो जाता है, तो ऑपरेटर को उसे तुरंत निलंबित करना होगा.
सरकार का Digital Intelligence Platform टेलीकॉम कंपनियों से मिलने वाले ग्राहक रिकॉर्ड के आधार पर एक व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग ऑपरेटरों और सेवा क्षेत्रों में मौजूद कनेक्शनों की पहचान करता है. पहले तय सीमा से अधिक SIM रखने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त कनेक्शन बंद कराने या सरेंडर करने को कहा जाता था.
अब तस्वीर के इस्तेमाल से पहचान प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है. DoT का मानना है कि अलग-अलग कंपनियों से कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों की पहचान में यह व्यवस्था मदद करेगी. नए निर्देशों से जुड़े विवादों या शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित Licensed Service Areas को सक्षम प्राधिकरण बनाया गया है.