दुनिया की बड़ी ई-कॉमर्स और टेक कंपनी Amazon एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. कंपनी ने ग्लोबल लेवल पर करीब 16,000 कॉरपोरेट कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है. Amazon का कहना है कि कई काम अब जेनरेटिव AI के जरिए कराए जाएंगे, जिससे इंसानों की जरूरत कम हो रही है.
Amazon की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बेथ गैलेटी के मुताबिक कंपनी अपने सिस्टम को ज्यादा सिंपल और फास्ट बनाना चाहती है. इसके लिए मैनेजमेंट की लेयर्स कम की जा रही हैं, बेवजह की ब्यूरोक्रेसी हटाई जा रही है और हर टीम को ज्यादा जिम्मेदारी दी जा रही है. इसी बदलाव के तहत कई पद खत्म किए जा रहे हैं.
कंपनी ने अभी साफ नहीं किया है कि किन बिजनेस यूनिट्स या देशों में ये छंटनी होगी. हालांकि यह साफ है कि यह फैसला Amazon के कॉरपोरेट स्टाफ से जुड़ा है, न कि वेयरहाउस या डिलीवरी स्टाफ से.
अमेरिका में काम कर रहे कर्मचारियों को 90 दिन का समय दिया जाएगा ताकि वे कंपनी के अंदर ही दूसरी नौकरी ढूंढ सकें. अगर कोई नई भूमिका नहीं मिलती या कर्मचारी खुद नहीं रहना चाहते, तो उन्हें सेवेरेंस पैकेज, करियर सपोर्ट और कुछ समय के लिए हेल्थ इंश्योरेंस दिया जाएगा.
यह कोई पहली बार नहीं है. अक्टूबर में Amazon ने करीब 14,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी. इससे पहले 2023 में कंपनी ने रिकॉर्ड 27,000 नौकरियां खत्म की थीं. कोरोना काल में तेजी से बढ़ी हायरिंग अब कंपनी के लिए बोझ बन गई है.
CEO एंडी जैसी पहले ही कह चुके हैं कि आने वाले सालों में AI कई कॉरपोरेट जॉब्स की जगह ले सकता है. हालांकि कंपनी की फाइनेंशियल हालत मजबूत है. हालिया तिमाही में Amazon का मुनाफा करीब 40% बढ़कर 21 बिलियन डॉलर हो गया.
Amazon अकेली कंपनी नहीं है. UPS, Pinterest जैसी कई बड़ी कंपनियां भी AI और खर्च घटाने के नाम पर नौकरियां कम कर रही हैं. साफ है कि आने वाले समय में जॉब मार्केट में AI की भूमिका और ज्यादा बढ़ने वाली है, और कर्मचारियों को नए स्किल्स पर फोकस करना होगा.