देहरादून: उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. कुछ क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं तो कहीं रुक रुककर बारिश हो रही है. फिलहाल भारी बारिश का दौर थोड़ा कमजोर पड़ा है, लेकिन मौसम विभाग के ताजा अनुमान ने फिर चिंता बढ़ा दी है. शनिवार को भी कई जिलों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इसके बाद रविवार से मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है.
शुक्रवार को भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहा. पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह तेज बारिश हुई, जबकि देहरादून और हरिद्वार में मध्यम से तेज बौछारें दर्ज की गईं. देहरादून में दिनभर बादल छाए रहे और बारिश के दो तेज दौर देखने को मिले. मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी इसी तरह बादलों की आवाजाही और रुक रुककर वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है.
मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है. इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है. कुछ स्थानों पर बारिश का दौर सामान्य से तेज भी हो सकता है.
मौसम में बड़ा बदलाव रविवार से देखने को मिल सकता है. विभाग के अनुसार मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है. खासकर कुमाऊं मंडल में इसका असर अधिक दिखाई दे सकता है. कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा के दौर आने की आशंका है. ऐसे में पर्वतीय जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम के बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
सोमवार और मंगलवार को उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. लगातार तेज वर्षा होने पर पहाड़ी क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. बारिश का असर सड़क मार्गों पर भी पड़ सकता है. पर्वतीय इलाकों में सफर करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाने की जरूरत होगी.
बारिश के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में गरज और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना भी है. मौसम विभाग ने तेज से अति तेज वर्षा के दौर की आशंका जताई है. ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकना जोखिम भरा हो सकता है. लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है, खासकर बारिश के दौरान नदी नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए.
बारिश के तेज होने की संभावना को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. भूस्खलन संभावित इलाकों, सड़कों और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी जरूरी होगी. फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को बारिश का असर बना रहेगा और रविवार से मानसून जोर पकड़ सकता है. ऐसे में अगले कुछ दिन उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं.