उत्तराखंड में बदलते मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इसके साथ नई चिंताएं भी सामने आ गई हैं. देहरादून और आसपास के इलाकों में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया. दूसरी ओर पर्वतीय जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी तरह बने रहने की संभावना जताई है. खासकर पांच जिलों के लिए जारी अलर्ट ने लोगों और किसानों की नजरें आसमान पर टिका दी हैं.
सोमवार को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से धूप और बादलों का दौर चलता रहा. दोपहर के समय अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और कई स्थानों पर बारिश हुई. कहीं हल्की फुहारें पड़ीं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई. इस बदलाव का सबसे बड़ा असर तापमान पर पड़ा और लोगों को गर्मी से राहत महसूस हुई.
बारिश के बाद प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान करीब चार डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. कुछ समय बाद धूप निकली, लेकिन शाम होते-होते फिर बादलों ने आसमान को ढक लिया. कई इलाकों में दोबारा बारिश का दौर शुरू हुआ. लगातार चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को और अधिक सुहावना बना दिया, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली.
पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का असर अधिक देखने को मिल रहा है. लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई जगहों पर ठंडक बढ़ गई है. हालांकि इससे गर्मी कम हुई है, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आ रही हैं. किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि मौसम की अनिश्चितता खेती पर असर डाल रही है.
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है. अन्य जिलों में भी गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. 20 जून तक पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. वहीं मैदानी इलाकों में कहीं हल्की बारिश तो कहीं शुष्क मौसम देखने को मिल सकता है. प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं और 22 जून के आसपास मानसून की दस्तक संभव मानी जा रही है.