उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर, पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, मैदानी इलाकों में घना कोहरा
पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तराखंड का मौसम बदल दिया है, IMD ने पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में घना कोहरा और राज्य के कई हिस्सों में जंगलों और फसलों को प्रभावित करने वाली लगातार शुष्क स्थिति का अनुमान लगाया है.
उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश का अनुमान जारी किया है. वहीं, मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम के बीच घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है. लंबे समय से बारिश न होने के कारण जंगलों और खेती पर असर साफ दिखने लगा है.
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम बदल रहा है. पहाड़ों पर बादल छाने लगे हैं और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है. 21 जनवरी तक यह असर बना रह सकता है. इस बदलाव से जहां ठंड बढ़ने की संभावना है, वहीं लंबे समय से सूखे मौसम से जूझ रहे क्षेत्रों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
आज बारिश और बर्फबारी का अनुमान
आईएमडी ने आज उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की से बहुत हल्की बारिश की संभावना जताई है. इसके साथ ही 3400 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है. ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि फिसलन और दृश्यता कम होने की स्थिति बन सकती है.
मैदानी इलाकों में कोहरे का येलो अलर्ट
प्रदेश के हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है. सुबह और देर रात के समय दृश्यता काफी कम रह सकती है. हालांकि दिन में तेज धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम महसूस किया जा रहा है, जिससे लोगों को अस्थायी राहत मिल रही है.
शुष्क मौसम से जंगल और खेती पर असर
लगातार शुष्क मौसम के कारण उत्तराखंड में फायर सीजन से पहले ही जंगलों में आग की घटनाएं सामने आने लगी हैं. बारिश न होने से मिट्टी में नमी की कमी हो गई है, जिसका सीधा असर फसलों पर पड़ रहा है. किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक मौसम पूरी तरह मेहरबान नहीं हुआ है.
केदारनाथ क्षेत्र में जंगलों की आग
केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण्य के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है. वन विभाग की टीमों को आग पर काबू पाने के लिए तैनात किया गया है. चट्टानी इलाकों में आग बुझाना चुनौती बना हुआ है. वहीं, चमोली के नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में लगी आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी भी प्रयास जारी हैं.