T20 World Cup 2026

सूर्या की कप्तानी में इतिहास रचने को बेताब ये 6 खिलाड़ी! 2024 की चैंपियन टीम से कितनी अलग है मौजूदा टीम? देखें लिस्ट

टीम इंडिया ने रोमांचक सेमीफाइनल में इंग्लैंड को सात रन से हराकर टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में प्रवेश किया. 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले महामुकाबले में भारतीय टीम इतिहास दोहराने उतरेगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को हराकर खिताबी जंग के लिए अपनी जगह पक्की कर ली और साल 2024 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व विजेता बनने वाली भारतीय टीम अब दो साल बाद फिर से फाइनल की दहलीज पर खड़ी है. हालांकि इस बार टीम का कलेवर पूरी तरह बदला हुआ है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का नेतृत्व कर रहे हैं.

इस फाइनल में भारतीय टीम के कई ऐसे खिलाड़ी पहली बार खिताबी भिड़ंत का हिस्सा बनेंगे जो 2024 की चैंपियन टीम में शामिल नहीं थे. इनमें अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर और वरुण चक्रवर्ती जैसे युवा सितारों के नाम शामिल हैं. ये सभी खिलाड़ी इस टूर्नामेंट के दौरान कम से कम एक मैच खेल चुके हैं और फाइनल में अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह बेताब हैं.

संजू सैमसन की दावेदारी 

संजू सैमसन के लिए यह फाइनल बेहद खास होने वाला है. वे 2024 के विश्व कप स्क्वाड का हिस्सा तो थे, लेकिन उन्हें तब एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था. हालांकि इस बार पिछले दो मैचों में उनके शानदार प्रदर्शन ने प्लेइंग इलेवन में उनकी दावेदारी को बेहद मजबूत कर दिया है. सैमसन की बल्लेबाजी तकनीक और हालिया फॉर्म को देखते हुए कप्तान सूर्या उन पर बड़ा भरोसा जता सकते हैं.

बेंच से मैदान तक का सफर 

सिर्फ सैमसन ही नहीं, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल और युजवेंद्र चहल भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो पिछली बार टीम के साथ तो थे, लेकिन मैदान पर नहीं उतर सके थे. इन खिलाड़ियों के लिए यह मौका खुद को साबित करने और विश्व विजेता बनने का अहसास मैदान पर रहकर महसूस करने का है. टीम प्रबंधन के लिए इन अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच सही संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होगी.

सूर्या की पहली बड़ी परीक्षा 

सूर्यकुमार यादव के लिए बतौर कप्तान यह करियर की सबसे बड़ी परीक्षा है. रोहित शर्मा की कप्तानी में मिली अपार सफलता के बाद सूर्या पर उस विरासत को आगे ले जाने की भारी जिम्मेदारी है. वे पहली बार किसी आईसीसी टूर्नामेंट में कप्तानी कर रहे हैं और फाइनल तक का यह सफर उनके कुशल नेतृत्व का प्रमाण है. 8 मार्च की शाम उनके कप्तानी करियर की दिशा तय करने वाली साबित होगी.

प्लेइंग इलेवन का सस्पेंस 

अंतिम ग्यारह में किसे जगह मिलेगी और किसे बाहर बैठना होगा? इसका सस्पेंस 8 मार्च की शाम साढ़े छह बजे ही खत्म होगा. सूर्यकुमार यादव जब टॉस के समय अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान करेंगे, तब सभी की नजरें उन युवा खिलाड़ियों पर होंगी जो पहली बार विश्व कप फाइनल का दबाव झेलेंगे. न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत हो सकता है.