देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है. पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. वहीं मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में आज कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों में ठंड बढ़ेगी, जिसका असर मैदानी क्षेत्रों के तापमान पर भी साफ दिखाई देगा. अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.
राज्य के मैदानी जिलों हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम विभाग ने घने से बहुत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आने वाले एक सप्ताह के दौरान पर्वतीय घाटियों में भी हल्के से मध्यम कोहरे की स्थिति बन सकती है. दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
हरिद्वार और उधम सिंह नगर के कुछ इलाकों में शीतलहर के चलते शीत दिवस जैसी स्थिति बन गई है. तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन बढ़ गई है. मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए हरिद्वार के जिलाधिकारी ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है, ताकि बच्चों को ठंड से सुरक्षित रखा जा सके.
लगातार ठंड और शीतलहर के कारण बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं और कम तापमान में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है. ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम सावधानी बरतने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम की चुनौतियों के बीच चमोली जिले के नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में जंगलों में लगी आग भी चिंता बढ़ा रही है. 9 जनवरी से फूलों की घाटी और गोविंद घाट रेंज में आग सुलग रही है. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आग बुझाने में कठिनाई आ रही है. वन विभाग की टीमें आग को फैलने से रोकने में जुटी हैं, लेकिन आग अब हरे पेड़ों तक पहुंच चुकी है, जिससे पर्यावरण को खतरा बढ़ गया है.