देहरादून: उत्तराखंड में सर्दी का असर लगातार गहराता जा रहा है. पहाड़ी क्षेत्रों में पाला पड़ने से जनजीवन प्रभावित है, जबकि मैदानी जिलों में कोहरा और सूखी ठंड लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. दिन में निकल रही धूप कुछ राहत जरूर दे रही है, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन बनी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन दो दिन बाद पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलाव के संकेत हैं.
प्रदेश में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है. बारिश और बर्फबारी न होने के कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं. पहाड़ों से लेकर मैदान तक ठंडी हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिन प्रदेशभर में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन तापमान कम रहने से ठंड का प्रकोप जारी रहेगा.
राजधानी देहरादून में मंगलवार सुबह हल्की धुंध देखने को मिली. दिन के समय धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौली चलती रही, लेकिन सर्द हवाओं ने ठंड बढ़ा दी. शाम होते-होते आसमान साफ हो गया, फिर भी गलन कम नहीं हुई. देहरादून का अधिकतम तापमान 19.8 और न्यूनतम 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
उधम सिंह नगर में अधिकतम तापमान 19.5 और न्यूनतम 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मुक्तेश्वर में अधिकतम 18.7 और न्यूनतम 3.3 डिग्री दर्ज किया गया. नई टिहरी में दिन का तापमान 14.8 और रात का 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा. इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में सर्दी अपने चरम की ओर बढ़ रही है.
पर्वतीय जिलों में पाला पड़ने से फसलों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है. वहीं हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शुष्क मौसम के बावजूद ठंड से सतर्क रहने की जरूरत है.
मौसम विभाग ने उधम सिंह नगर और हरिद्वार में शीत दिवस को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इस बदलाव से तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है.