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उत्तराखंड के शहरी निकायों को मिलेगा 3000 करोड़ का सहारा, पांच साल में होंगे बड़े विकास कार्य

उत्तराखंड के शहरी निकायों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अगले पांच साल में 3000 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे. अर्बन चैलेंज फंड के तहत मिलने वाली इस राशि से सड़क, सीवर, बाजार, यातायात और शहरी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिलेगी.

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Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड के शहरी निकायों को मिलेगा 3000 करोड़ का सहारा, पांच साल में होंगे बड़े विकास कार्य
Courtesy: ANI

उत्तराखंड के नगर निकायों में अब बड़े विकास कार्यों के लिए धन की कमी बड़ी बाधा नहीं बनेगी. प्रदेश में अगले पांच साल के दौरान करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से अलग-अलग शहरी विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. इसके लिए अर्बन चैलेंज फंड का सहारा लिया जाएगा. इस दिशा में शहरी विकास निदेशालय और हुडको के बीच करार भी हो चुका है.

इस व्यवस्था के तहत किसी परियोजना की कुल लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 25 प्रतिशत केंद्र सरकार देगी. बाकी 50 प्रतिशत राशि हुडको के माध्यम से बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी. इससे नगर निकाय अपेक्षाकृत बड़े बजट वाली परियोजनाओं को भी शुरू कर सकेंगे.

बाजार, सड़क और सीवर व्यवस्था में होगा सुधार

अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा. पुराने शहरों के बाजारों का कायाकल्प, सीवर व्यवस्था का विस्तार और सुधार, शहरी सड़कों को बेहतर बनाना तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू करने जैसे काम इस योजना में शामिल होंगे.

इसके अलावा स्मार्ट सड़क, सामान ढुलाई से जुड़ी सुविधाएं और शहरों में आवागमन को बेहतर बनाने वाली परियोजनाओं को भी फंड से सहायता मिलेगी. टाउनशिप के विकास और अन्य शहरी ढांचे से जुड़े जरूरी कार्य भी इसके दायरे में रखे गए हैं.

परियोजनाओं की तैयारी में हुडको करेगा मदद

हुडको की भूमिका केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी. संस्था नगर निकायों को परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने में तकनीकी सहयोग देगी. इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और सलाह भी दी जाएगी. बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण स्वीकृत कराने की प्रक्रिया में भी हुडको निकायों का सहयोग करेगा. इससे परियोजनाओं को मंजूरी मिलने और उन्हें जमीन पर उतारने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है.