उत्तराखंड के धार्मिक और पर्यटन स्थलों को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. राज्य के कई प्रसिद्ध आस्था केंद्रों और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है. इससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है. बीजेपी उत्तराखंड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ₹514 करोड़ की योजना के माध्यम से राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा. इसके तहत परंपरा और आधुनिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा.
योजना के तहत बाबा नीम करौली से जुड़े प्रसिद्ध कैंची धाम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहतर व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे यात्रियों को अधिक सुगम और सुविधाजनक अनुभव मिलने की संभावना है.
कार्तिक स्वामी मंदिर समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी है. राज्य सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है. बेहतर व्यवस्थाओं के जरिए देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.
योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा त्रियुगीनारायण धाम को विशेष पहचान दिलाना भी है. भाजपा उत्तराखंड के अनुसार इस स्थल को दुनिया के सबसे खूबसूरत वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा. इससे स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है.
₹514 करोड़ के विशेष बजट से देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। बाबा नीम करौली के पावन कैंची धाम से लेकर कार्तिक स्वामी मंदिर तक अब विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, त्रियुगीनारायण धाम को दुनिया के सबसे खूबसूरत वेडिंग डेस्टिनेशन के… pic.twitter.com/r9zhctJRNO
— BJP Uttarakhand (@BJP4UK) June 17, 2026
भाजपा ने कहा कि उत्तराखंड में विकास कार्यों के साथ सनातन परंपराओं के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है. धार्मिक महत्व वाले स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके. यह पहल राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन क्षमता दोनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.