उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए एक जरूरी खबर है. जिन राशन कार्डों का इस्तेमाल लगातार छह महीनों तक राशन लेने के लिए नहीं किया गया है, उन्हें अब डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा. यह नया नियम 1 अक्टूबर से लागू हो रहा है. इसलिए, जिन लाभार्थियों ने पिछले कई महीनों से सरकारी राशन नहीं लिया है, उन्हें अपने राशन कार्ड के स्टेटस पर ध्यान देना चाहिए.
नए आदेश के अनुसार जिन राशन कार्डों पर पिछले छह महीनों में अनाज लेने या कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, उनकी पहचान हर महीने की 21 तारीख को की जाएगी. इसके बाद अगले महीने की पहली तारीख को सिस्टम अपने आप इन कार्डों को डीएक्टिवेट कर देगा.
विभाग उन लाभार्थियों की भी पहचान करेगा जिनके पास डुप्लिकेट राशन कार्ड हैं. अगर वेरिफिकेशन के दौरान कोई डुप्लिकेट कार्ड मिलता है, तो उसे डीएक्टिवेट कर दिया जाएगा. कार्ड के स्टेटस या की गई कार्रवाई की जानकारी परिवार के रजिस्टर्ड मुखिया के मोबाइल नंबर पर SMS के ज़रिए भेजी जाएगी.
जिला आपूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने बताया कि छह महीने तक इस्तेमाल न किए गए कार्ड डीएक्टिवेट कर दिए जाएंगे. स्थानीय उचित दर की दुकान (राशन की दुकान) के डीलरों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंप लगाकर लोगों को इस नए नियम के बारे में जानकारी दें और जागरूक करें.
राशन कार्ड तुरंत हमेशा के लिए रद्द नहीं किए जाएंगे. नियमों के तहत, हमेशा के लिए रद्द करने से पहले 90 दिन का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) दिया जाएगा. इस दौरान लाभार्थी की e-KYC और जमीनी स्तर पर फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
जिन लाभार्थियों के मोबाइल नंबर गलत हैं या राशन कार्ड से लिंक नहीं हैं, उनसे विभागीय कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे. पात्र लाभार्थियों की समस्याओं को हल करने के लिए ज़िला स्तर पर एक हेल्पडेस्क भी बनाया जाएगा.
जिन परिवारों ने छह महीने से राशन नहीं लिया है, उन्हें अपने राशन कार्ड का स्टेटस चेक करना चाहिए. खासकर वे लाभार्थी जिनके मोबाइल नंबर बदल गए हैं या कार्ड से लिंक नहीं हैं, उन्हें अपनी जानकारी अपडेट करने के लिए विभाग से संपर्क करना चाहिए.