उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के बीच भावुक पोस्ट और वीडियो संदेश जारी किया है. उन्होंने नौकरी या राजनीतिक पद देने के बदले पैसे लेने से इनकार किया. रावत ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी आरोप लगाए गए और अब वह अपनी सफाई के लिए संघर्ष करेंगे.
हरीश रावत ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने किसी को नौकरी दिलाने के बदले कभी पैसे नहीं लिए. उन्होंने मां और अपने दूध की सौगंध लेते हुए दावा किया कि पैसे लेना तो दूर, उन्होंने नौकरी के बदले किसी से चाय-पानी तक नहीं लिया. रावत ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए कुछ पोस्ट और अखबारों के जरिए अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने 2017 और 2022 में भी अपने खिलाफ आरोप लगाए जाने का जिक्र किया और कहा कि उन्हें इस तरह के आरोपों के साथ जिंदगी खत्म नहीं करनी है.
रावत ने कहा कि उन्होंने किसी को राजनीतिक पद देने के बदले भी पैसा नहीं लिया. उनके मुताबिक उन्होंने हजारों लोगों की अलग-अलग कामों में सिफारिश की लेकिन कभी किसी से इसके बदले सौदा नहीं किया. यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना से जुड़ी ईडी कार्रवाई और पुराने वीपीडीओ मामले की जांच को लेकर राजनीतिक चर्चा चल रही है. रावत ने अपने संदेश में चंदन का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी जिंदगी भर की कमाई जब्त होने से वह चिंतित हैं.
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) September 18, 2026
हरीश रावत ने कहा कि वह इस आरोप को अपने नाम के साथ नहीं छोड़ना चाहते. उन्होंने मां जगदंबा से प्रार्थना करते हुए कहा कि जब तक वह इस कलंक को धो नहीं देते, तब तक उन्हें संघर्ष करने की ताकत मिलती रहे. रावत ने कहा कि उम्र और स्वास्थ्य साथ दें या न दें लेकिन अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए उन्हें सामने आना पड़ेगा. उन्होंने अपने कामों को मां को साक्षी मानकर करने की बात कही और वीडियो के अंत में मां से अपनी रक्षा की प्रार्थना की.