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उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही... चीन सीमा से टूटा संपर्क, हाईवे बंद; चेक करें IMD का अलर्ट

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मूसलधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है. भारी वर्षा के कारण कूलागाड़ का बैली ब्रिज बह गया, जिससे चीन सीमा का संपर्क दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सका.

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Edited By: Reepu Kumari
उत्तराखंड में बारिश ने मचाई तबाही... चीन सीमा से टूटा संपर्क, हाईवे बंद; चेक करें IMD का अलर्ट
Courtesy: Pinterest

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. रविवार को सुबह पांच बजे तक तेज वर्षा हुई, जिसके बाद आसमान में बादल छाए रहे. लगातार बारिश के बीच चीन सीमा से संपर्क दूसरे दिन भी बाधित रहा. कूलागाड़ में बैली ब्रिज बह जाने के कारण सीमा क्षेत्र तक पहुंच प्रभावित हुई है. दूसरी ओर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाट बैंड के पास भारी मलबा आने से आवाजाही रोक दी गई है.

हाईवे पर दोनों ओर फंसे वाहन

घाट बैंड के पास शुक्रवार रात से ही पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है. इसके कारण हाईवे पर यातायात बार-बार प्रभावित हो रहा है. रविवार को सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं. मलबा हटाने के लिए मशीनें मौके पर लगा दी गई हैं. कुछ समय के लिए जब पत्थरों का गिरना कम होता है, तभी वाहनों को आगे बढ़ने दिया जा रहा है. इसके बावजूद यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है.

बंगापानी और धारचूला में भारी बारिश

देर रात हुई मूसलधार बारिश का सबसे ज्यादा असर बंगापानी और धारचूला तहसील क्षेत्रों में देखने को मिला. शनिवार सुबह 8 बजे आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बंगापानी में 42.0 मिलीमीटर और धारचूला में 28.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश के कारण कूलागाड़ का बैली ब्रिज बह गया. इसी वजह से चीन सीमा की ओर जाने वाला संपर्क टूट गया है और सीमा क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है.

मलबे के बीच सफर करना मजबूरी

घाट की पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण इस व्यस्त मार्ग पर सफर करने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है. वाहन चालक और यात्री कई घंटे तक रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं. बीच-बीच में रास्ता साफ होने पर वाहनों को आगे बढ़ाया जा रहा है, लेकिन पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है. पिथौरागढ़ से बाहरी जिलों और मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है.

12 ग्रामीण मार्ग भी बंद

बारिश का असर जिले के दूसरे हिस्सों में भी दिखाई दिया है, हालांकि अन्य तहसीलों में केवल हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई. इसके बावजूद सड़क संपर्क पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका है. जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग और दो सीमा मार्गों के अलावा 12 ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं. इससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए काम कर रहे हैं, जबकि लगातार बारिश के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं.