उत्तराखंड सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नया 'उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम' लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा करते हुए कहा कि नई व्यवस्था आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देगी. इसके साथ ही मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम और गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम समाप्त कर दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि इससे सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए समान मान्यता व्यवस्था सुनिश्चित होगी.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि आज से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम प्रभावी हो गया है. इसके लागू होते ही पहले से लागू मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम और गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम समाप्त कर दिए गए हैं. सरकार का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है.
प्रिय प्रदेशवासियों,
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 1, 2026
आज से "उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम" प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम एवं गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम समाप्त हो गए हैं।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार प्रदेश में ऐसी… pic.twitter.com/sh4uZTLV8h
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है जो आधुनिक सोच, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर आधारित हो. उनके अनुसार नई व्यवस्था सभी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए समान और पारदर्शी मान्यता प्रणाली सुनिश्चित करेगी. इससे शिक्षा संस्थानों के संचालन में स्पष्टता और जवाबदेही बढ़ेगी.
सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जैसे विषयों को बढ़ावा देकर छात्रों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाएगा. इससे शिक्षा का स्तर और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी आधार है. इसलिए नई व्यवस्था में भारतीय जीवन मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना को भी प्राथमिकता दी जाएगी. उनका मानना है कि इससे छात्र जिम्मेदार और जागरूक नागरिक के रूप में विकसित होंगे.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश का प्रत्येक नौनिहाल आधुनिक शिक्षा और संस्कारों से सशक्त बने. उन्होंने विश्वास जताया कि नई शिक्षा व्यवस्था विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. सरकार इसी उद्देश्य के साथ शिक्षा क्षेत्र में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.