देहरादून: उत्तराखंड में सर्दियों की दस्तक के साथ बिजली की बढ़ती जरूरत के बीच राज्य को केंद्र से अतिरिक्त बिजली की मंजूरी मिली है. केंद्रीय क्षेत्र के विद्युत उत्पादन केंद्रों (Central Generating Stations) के अनआवंटित पूल से राज्य के लिए अतिरिक्त बिजली का कोटा तय किया गया है. यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी और मार्च 2027 तक चलेगी. छह महीने की इस अवधि में उत्तराखंड को कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी.
सर्दियों में पहाड़ी राज्य की बिजली जरूरतों पर दोहरा दबाव रहता है. तापमान गिरने के साथ घरों और अन्य स्थानों पर हीटिंग समेत बिजली की खपत बढ़ जाती है. दूसरी ओर, नदियों में पानी का स्तर कम होने से जलविद्युत परियोजनाओं का उत्पादन प्रभावित होता है. ऐसे में मांग बढ़ने और उत्पादन घटने के बीच बिजली की उपलब्धता बनाए रखना चुनौती बन जाता है. अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन इसी जरूरत को ध्यान में रखकर किया गया है.
सर्दियों के महीनों में उत्तराखंड में तापमान गिरने के कारण एक तरफ जहां हीटिंग और घरेलू उपयोग के लिए बिजली की खपत तेजी से बढ़ जाती है, वहीं दूसरी तरफ नदियों में जलस्तर घटने से राज्य की जलविद्युत परियोजनाओं से बिजली का उत्पादन काफी कम हो जाता है. उत्पादन में गिरावट और मांग में बढ़ोतरी के कारण अक्सर राज्य को बिजली संकट या कटौती का सामना करना पड़ता है. केंद्र सरकार का यह फैसला प्रदेश में ऊर्जा संतुलन बनाए रखने और उपभोक्ताओं को निरंतर आपूर्ति देने में बेहद मददगार साबित होगा.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक कुल 6 महीनों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से बिजली का आवंटन किया गया है;
इस प्रकार, सर्दियों के चरम महीनों (दिसंबर से फरवरी) के दौरान राज्य को सर्वाधिक अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी. पूरे 6 महीनों की इस अवधि में कुल मिलाकर 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्तराखंड को प्राप्त होगी, जिससे पावर एक्सचेंज से महंगी बिजली खरीदने का वित्तीय बोझ भी कम होगा.
केंद्रीय कोटा बढ़ाए जाने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने राज्य की सर्दियों की विशेष ऊर्जा आवश्यकताओं को समझते हुए तुरंत राहत देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर का आभार जताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के इस जनहितैषी निर्णय से उत्तराखंड के नागरिकों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भारी राहत मिलेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि इस अतिरिक्त आवंटन की बदौलत प्रदेश भर में बिना किसी रुकावट के निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी. इससे दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक आम जनता को कड़ाके की ठंड में बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा.