उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार विधानसभा चुनाव से पहले स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. प्रस्तावित योजना के तहत सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में होने वाली सभी इन-हाउस पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे हजारों मरीजों का इलाज सस्ता होगा और आर्थिक बोझ कम होगा. स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं और सरकार जल्द इस नई व्यवस्था का औपचारिक ऐलान कर सकती है.
सरकारी अस्पतालों की OPD में प्रतिदिन लगभग 50 हजार मरीज पहुंचते हैं. इनमें से करीब 15 हजार मरीजों को विभिन्न प्रकार की जांच करानी पड़ती है. अभी इन जांचों के लिए निर्धारित शुल्क देना होता है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को इन-हाउस जांच के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा. इससे आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा.
स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आम नागरिकों को राहत देने के उद्देश्य से सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में होने वाली इन-हाउस जांच मुफ्त करने का निर्णय लिया जा रहा है. विभाग अंतिम तैयारियों में जुटा है. योजना लागू होने के बाद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के साथ आर्थिक सहायता का भी लाभ मिलेगा.
सरकार इस योजना का लाभ पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज, 13 जिला अस्पताल और 95 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है. वर्तमान में कुछ अस्पतालों में निजी लैब के माध्यम से सीमित जांच मुफ्त उपलब्ध हैं. हालांकि अधिकांश मरीजों को इसकी जानकारी नहीं होती. नई व्यवस्था लागू होने पर सभी पात्र मरीजों को स्पष्ट और आसान सुविधा मिलेगी.
सरकारी अस्पतालों में इलाज पहले से निजी अस्पतालों की तुलना में सस्ता है. फिर भी कई मरीजों को पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच पर 500 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं. नई योजना लागू होने के बाद यह अतिरिक्त खर्च समाप्त हो जाएगा. इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
सरकार का मानना है कि मुफ्त जांच सुविधा से अधिक लोग समय पर उपचार करा सकेंगे. इससे गंभीर बीमारियों की पहचान भी शुरुआती चरण में संभव होगी. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में मरीजों का भरोसा बढ़ाना और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है. योजना की घोषणा के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.