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उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, 98% साक्षरता दर के साथ धामी कैबिनेट ने इन 12 बड़े फैसलों पर लगाई मुहर

उत्तराखंड सरकार ने राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने की मंजूरी दे दी है. धामी कैबिनेट की बैठक में 12 अहम फैसलों पर मुहर लगी.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य, 98% साक्षरता दर के साथ धामी कैबिनेट ने इन 12 बड़े फैसलों पर लगाई मुहर
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के लिए कई बड़े फैसले लिए गए. राज्य की साक्षरता दर 98 प्रतिशत पहुंचने के बाद उसे पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की मंजूरी दी गई. इसके साथ ही कर्मचारियों, पर्यटन और कृषि से जुड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली.

पूर्ण साक्षर राज्य बनने की ओर बड़ा कदम

धामी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने की मंजूरी दी है. राज्य की साक्षरता दर 98 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद यह निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी. इसके तहत संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम और परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किए जाएंगे. बैठक की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. सरकार का मानना है कि यह फैसला राज्य के शिक्षा स्तर को और मजबूत करेगा.

कर्मचारियों और यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ

कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन की कटऑफ तिथि बढ़ाकर 15 अगस्त 2024 कर दी है. इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लाभ मिलेगा. राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों को भर्ती परीक्षाओं में मिलने वाले आरक्षण के सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय देने का भी फैसला लिया गया. वहीं चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब मार्ग पर चलने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा को मंजूरी दी गई. बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 80 प्रतिशत पशु मालिक वहन करेंगे. इस कदम से यात्रा से जुड़े लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.

पर्यटन, सड़क और कृषि क्षेत्र पर भी फोकस

राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हिमालयन कार रैली को मंजूरी दी है. इसके अलावा कारागार विभाग की नई सेवा नियमावली को भी स्वीकृति दी गई. मध्य पूर्व में बढ़े तनाव और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग की सड़क परियोजनाओं की टेंडर सीमा दर में संशोधन किया गया है. आबकारी विभाग में भी नियमों में आंशिक बदलाव किए गए हैं. कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सुगंध पौधा केंद्र में विशेषज्ञों के पांच नए पद स्वीकृत किए गए हैं.