उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने बिजली सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. निगम के प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी ने साफ कहा है कि कर्मचारियों और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विद्युत सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यस्थलों पर प्रतिदिन सुरक्षा शपथ दिलाई जाए और हर काम निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए.
गुरुवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेशभर के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए. बैठक में एमडी ने सभी अधिकारियों को विद्युत सुरक्षा मानकों (SOP), परमिट टू वर्क (Permit to Work) और लॉक-आउट टैग-आउट (LOTO) प्रणाली का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की ढिलाई भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए सभी अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें.
यूपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी विद्युत दुर्घटना को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा. यदि किसी क्षेत्र में बिजली से जुड़ा हादसा होता है, तो संबंधित क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता से लेकर अवर अभियंता तक की जवाबदेही तय की जाएगी. सभी अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करें और संभावित जोखिमों को समय रहते दूर करें.
बिजली सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्य अभियंता जसवंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष विद्युत सुरक्षा ऑडिट समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं. यह समिति पूरे प्रदेश के उपकेंद्रों, फीडरों और कार्यस्थलों का निरीक्षण करेगी. साथ ही यह जांच करेगी कि सुरक्षा मानकों और विभागीय निर्देशों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं. आवश्यकता पड़ने पर समिति सुधारात्मक सुझाव भी देगी.
एमडी पी.सी. ध्यानी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को वोल्टेज डिटेक्टर, डिस्चार्ज रॉड और सभी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए. इसके अलावा हर क्षेत्र में रेस्क्यू किट, फर्स्ट एड सामग्री, अर्थ रॉड और क्विक रिस्पांस टीम को हर समय तैयार रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
यूपीसीएल ने मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश भी जारी किए हैं. किसी भी विद्युत दुर्घटना या आपात स्थिति की सूचना तत्काल मुख्यालय को देने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है. बैठक के अंत में एमडी ने कहा कि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है. प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सहकर्मियों और आम जनता की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे.