उत्तर प्रदेश (पश्चिम) और उत्तराखंड में आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार लगातार बढ़ रही है, जिसका सीधा असर आयकर संग्रह के आंकड़ों में देखने को मिला है. 167वें आयकर दिवस के अवसर पर आयकर विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 जुलाई तक इस क्षेत्र का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 14,902.67 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30.26 प्रतिशत अधिक है. विभाग का कहना है कि कर अनुपालन को लेकर सख्ती, डिजिटल प्रक्रिया और पारदर्शी व्यवस्था के कारण कर संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर प्रदेश (पश्चिम) एवं उत्तराखंड क्षेत्र, कानपुर के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में शुद्ध कर संग्रह 13,181.85 करोड़ रुपये रहा है. यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है. विभाग का मानना है कि बेहतर अनुपालन और करदाताओं की बढ़ती भागीदारी इसके प्रमुख कारण हैं.
आर्थिक गतिविधियों और उद्योग-कारोबार की स्थिति का संकेत माने जाने वाले अग्रिम कर (Advance Tax) संग्रह में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. 20 जुलाई तक अग्रिम कर संग्रह 4,237.10 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में 52.71 प्रतिशत अधिक है. यह संकेत देता है कि कारोबार और उद्योग जगत में सकारात्मक माहौल बना हुआ है.
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस क्षेत्र का कुल कर संग्रह 46,544.15 करोड़ रुपये रहा था. यह वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में करीब 13 प्रतिशत अधिक था. लगातार दूसरे वर्ष कर संग्रह में हुई बढ़ोतरी को क्षेत्र की मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर कर अनुपालन का परिणाम माना जा रहा है.
विभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (ITR) की कुल संख्या 37,01,353 रही. यह पिछले वर्ष की तुलना में 2.3 प्रतिशत अधिक है. इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्र में करदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग समय पर रिटर्न दाखिल करने के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं.
आयकर विभाग ने करदाताओं को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया है. 1 अप्रैल से 21 जुलाई 2026 के बीच विभाग ने सीपीजीआरएएम (CPGRAMS) के माध्यम से प्राप्त 1,124 शिकायतों और ई-निवारण पोर्टल पर दर्ज 2,929 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया है. विभाग का कहना है कि डिजिटल सेवाओं और तेज शिकायत निवारण प्रणाली के कारण करदाताओं का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है.