उत्तरकाशी के नौगांव ब्लॉक स्थित किम्मी गांव में आयोजित रुद्रेश्वर महादेव का पारंपरिक सावन मेला इस वर्ष भी पूरे धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ध्याणी और ग्रामीण इस आयोजन में शामिल हुए. मेले में आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता की अनूठी झलक देखने को मिली.
सावन मेले के दौरान देव-ध्याणी मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. गंगनानी कुंड में स्नान के बाद ध्याणियों ने भगवान रुद्रेश्वर को लगभग साढ़े चार लाख रुपये मूल्य के स्वर्ण और रजत आभूषण अर्पित किए. इनमें सोने का ओम पेंडेंट, चांदी का कटोरा, मां काली के लिए चांदी का छत्र और भगवान नृसिंह के लिए चांदी का चिमटा प्रमुख रूप से शामिल रहे.
मेले के दौरान देवता के पश्वा अमन सेमवाल पर भगवान रुद्रेश्वर के अवतरण की धार्मिक मान्यता से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला. ग्राम पंचायत ने सभी ध्याणियों और मुख्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. ग्राम प्रधान प्रताप सिंह राणा ने कहा कि यह परंपरा गांव की सांस्कृतिक पहचान है और समाज को एकजुट रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
कार्यक्रम में महिलाओं और ग्रामीणों ने भगवान रुद्रेश्वर को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. मेले में राज्यमंत्री श्याम डोभाल, जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे. आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और क्षेत्र की धार्मिक विरासत को नई ऊर्जा मिली.