उत्तरकाशी में बारिश बनी आफत, टूटी सड़क में तीन दिन तक फंसे रहे 20 से ज्यादा वाहन; ऐसे निकले बाहर
उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में बारिश से सड़क टूटने के कारण तीन दिनों से फंसे 20 से अधिक वाहनों को जिला प्रशासन ने छह घंटे में अस्थायी सड़क बनाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण स्यानाचट्टी क्षेत्र में सड़क ध्वस्त होने से तीर्थयात्रियों के 20 से अधिक वाहन तीन दिनों तक फंस गए थे. जिला प्रशासन ने शनिवार को सभी वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस कार्रवाई से वाहन चालकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिली.
जानकारी के अनुसार स्यानाचट्टी में सड़क बह जाने के कारण हनुमानचट्टी, फूलचट्टी और बनास क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहन आगे नहीं बढ़ सके. लगातार बारिश और पहाड़ी इलाके की कठिन परिस्थितियों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना रहा. कई वाहन तीन दिनों तक मौके पर ही फंसे रहे.
जिलाधिकारी ने क्या दिया निर्देश?
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया. कुपड़ा पुल के पास भारी मशीनें और जरूरी संसाधन पहुंचाए गए. प्रशासन की टीम ने महज छह घंटे में पहाड़ को काटकर अस्थायी सड़क तैयार कर दी. इसके बाद एक-एक कर सभी फंसे वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुस्साईं ने बताया कि सड़क ध्वस्त होने से बड़ी संख्या में वाहन फंस गए थे. लगातार बारिश के बीच राहत कार्य आसान नहीं था. इसके बावजूद प्रशासन ने तेजी से काम करते हुए वैकल्पिक मार्ग तैयार किया और यातायात बहाल कराया.
वाहन चालकों ने क्या बताया?
राहत अभियान पूरा होने के बाद वाहन स्वामियों और चालकों ने जिला प्रशासन की सराहना की. चालक प्रमोद और जितेंद्र ने बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि किसी भी यात्री या वाहन को लंबे समय तक फंसा नहीं रहने दिया जाएगा. शुरुआत में उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन प्रशासन ने कुछ ही घंटों में अस्थायी सड़क तैयार कर अपना वादा पूरा कर दिखाया.
वाहन चालकों ने कहा कि यदि वे दो या तीन दिन और फंसे रहते तो उनकी रोजी रोटी पर गंभीर असर पड़ता. समय पर राहत मिलने से आर्थिक नुकसान भी टल गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
प्रशासन ने लोगों को क्या दी है सलाह?
बारिश के मौसम में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क टूटने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं. ऐसे समय में प्रशासन लोगों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील करता है. प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके.