IMA में इतिहास रच गईं 9 बेटियां, पासिंग आउट परेड में गजब का नजारा; राष्ट्रपति बोलीं-प्रगतिशील भारत की पहचान

भारतीय सैन्य अकादमी में पहली बार नौ महिला कैडेट नियमित प्रशिक्षण पूरा कर सेना में अधिकारी बनी हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे सशस्त्र सेनाओं और देश दोनों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: शनिवार का दिन भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में एक खास उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया. पहली बार नियमित प्रशिक्षण पूरा करने वाली नौ महिला कैडेट युवा सैन्य अधिकारियों के रूप में भारतीय सेना का हिस्सा बनीं और उन्होंने एक नया अध्याय लिख दिया. इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पासिंग आउट परेड में शामिल होकर कैडेटों का उत्साह बढ़ाया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सेना के लिए नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आधुनिक भारत की प्रगति का भी प्रतीक है.

बदलते भारत की नई तस्वीर

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि नौ महिला कैडेटों का सेना में अधिकारी बनना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. उनके अनुसार यह उपलब्धि उस भारत की झलक दिखाती है, जहां महिलाएं हर क्षेत्र में नई जिम्मेदारियां संभाल रही हैं और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं.  


युवा अधिकारियों को मिला बड़ा संदेश

पासिंग आउट परेड के दौरान राष्ट्रपति ने नव नियुक्त अधिकारियों को नेतृत्व के वास्तविक अर्थ समझाए. उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल आदेश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें चरित्र, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा भी शामिल होती है. देश की सुरक्षा और अखंडता की जिम्मेदारी अब इन युवा अधिकारियों के कंधों पर है.

नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान

राष्ट्रपति ने तेजी से बदलते वैश्विक माहौल और नई सुरक्षा चुनौतियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने अधिकारियों से लगातार सीखते रहने, नई तकनीकों को अपनाने और नैतिक मूल्यों के साथ नेतृत्व विकसित करने की अपील की. साथ ही सैनिकों के मार्गदर्शन और उनकी देखभाल को भी अधिकारी की अहम जिम्मेदारी बताया. 

परिवारों और प्रशिक्षकों की भूमिका को सराहा

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने सभी कैडेटों को कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी. उन्होंने परिवारों के त्याग और सहयोग को इस सफलता की मजबूत नींव बताया. साथ ही आईएमए के कमांडेंट, प्रशिक्षकों और स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने इन कैडेटों को जिम्मेदार सैन्य अधिकारी बनने के लिए तैयार किया है. उन्होंने मित्र देशों से आए कैडेटों को भी शुभकामनाएं दीं.