यह उत्तराखंड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की एक ऐसी धरोहर है, जहां आस्था, इतिहास और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम देखने को मिलता है. उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव में स्थित प्राचीन शनि मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है, बल्कि यह क्षेत्र की धार्मिक पहचान का भी प्रमुख केंद्र माना जाता है.
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामाी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट साझा करते हुए खरसाली स्थित शनि मंदिर की महत्ता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था और पौराणिक विरासत का अनूठा प्रतीक है. साथ ही यह स्थान मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिसके कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है.
इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है कि यहां शनि देव कांस्य प्रतिमा के रूप में स्थापित हैं. यह प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक वातावरण यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है.
खरसाली का यह मंदिर केवल शनि देव की आराधना का केंद्र नहीं है, बल्कि मां यमुना के शीतकालीन निवास स्थल के रूप में भी जाना जाता है. सर्दियों के दौरान यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने पर मां यमुना की पूजा-अर्चना इसी क्षेत्र में की जाती है, जिससे इस स्थान का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है.
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तरकाशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से इस पावन मंदिर के दर्शन करने की अपील की. उनका कहना है कि, 'उत्तरकाशी जनपद के खरसाली गांव में स्थित प्राचीन शनि मंदिर धार्मिक आस्था और पौराणिक विरासत का अद्भुत संगम है. यह स्थान माँ यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है. यहां शनि महाराज कांस्य प्रतिमा के रूप में विराजमान हैं. उत्तरकाशी जनपद आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें.'
उत्तरकाशी जनपद के खरसाली गांव में स्थित प्राचीन शनि मंदिर धार्मिक आस्था और पौराणिक विरासत का अद्भुत संगम है। यह स्थान माँ यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहां शनि महाराज कांस्य प्रतिमा के रूप में विराजमान हैं।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 13, 2026
उत्तरकाशी जनपद आगमन पर आप भी इस पावन मंदिर… pic.twitter.com/UelIoXmQnK