Commonwealth Games 2026

'जिस घर में खाने को नहीं, वहां शादी में शाहरुख को बुला रहे हैं...', भारत-ब्राजील मैच पर बाइचुंग भूटिया का फूटा गुस्सा

भारत और ब्राजील के बीच अक्टूबर में होने वाला फ्रेंडली मैच चर्चा का विषय बन गया है. जहां फैंस उत्साहित हैं, वहीं कई पूर्व खिलाड़ी मानते हैं कि भारतीय फुटबॉल की मौजूदा हालत में असली जरूरत ढांचे को मजबूत करने की है.

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Ashutosh Rai

ब्राजील की सीनियर फुटबॉल टीम अक्टूबर में भारत के खिलाफ कोलकाता में फ्रेंडली मैच खेलने आएगी. इस ऐतिहासिक मुकाबले ने भारतीय फुटबॉल प्रेमियों में उत्साह बढ़ा दिया है. हालांकि, कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि ऐसे बड़े मैचों से पहले देश के फुटबॉल ढांचे को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है.

ब्राजील के आने से बढ़ा उत्साह

ब्राजील की सीनियर टीम 3 अक्टूबर को कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में भारत के खिलाफ आधिकारिक फ्रेंडली मैच खेलेगी. पांच बार की विश्व चैंपियन टीम का भारत आना अपने आप में बड़ी खबर है. मोहन बागान के लिए खेल चुके ब्राज़ीलियाई फुटबॉलर होज़े बारेटो ने कहा कि यह मुकाबला भारत में फुटबॉल को नई पहचान देने का मौका है. उन्होंने कहा कि ब्राजील के खिलाड़ियों को इतने करीब से देखना भारतीय फैंस के लिए यादगार अनुभव होगा और इससे युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलेगी.

पूर्व खिलाड़ियों ने उठाए सवाल

भारत के पूर्व कप्तान बाइचुंग भूटिया ने इस मैच को लेकर अलग राय रखी. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में भारतीय फुटबॉल कई चुनौतियों से गुजर रहा है. जमशेदपुर एफसी के हटने, एशियन प्रतियोगिताओं में भागीदारी की मुश्किलों और लगातार गिरती FIFA रैंकिंग के बीच सबसे पहले घरेलू फुटबॉल की व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है. राष्ट्रीय टीम के डिफेंडर निखिल पुजारी ने भी सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए कहा कि बड़े मैचों के साथ-साथ भारतीय क्लब फुटबॉल को बचाना भी उतना ही जरूरी है.


मैच से उम्मीदें भी, सवाल भी

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन, कॉन्फेडरेशन ऑफ ब्राज़ीलियन फुटबॉल और प्राइवेट कंपनी ‘Best11’ के समझौते के तहत यह मुकाबला आयोजित किया जा रहा है. इस आयोजन पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है. ब्राजील इससे पहले भी विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी ताकतों में शामिल रहा है और उसकी टीम का भारत आना निश्चित रूप से ऐतिहासिक रहेगा. हालांकि, फुटबॉल जानकारों का मानना है कि असली सफलता तभी मिलेगी जब ऐसे बड़े आयोजनों के साथ घरेलू लीग, क्लब और खिलाड़ियों के विकास पर भी बराबर ध्यान दिया जाएगा.