पंजाब BJP को बड़ा झटका: वरिष्ठ नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने छोड़ी पार्टी, संगठन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने संगठन में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और वैचारिक कमजोर पड़ने का आरोप लगाया.

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Sagar Bhardwaj

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल भुखड़ी कलां ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. तीन दशक से अधिक समय तक संगठन से जुड़े रहे ग्रेवाल ने अपने त्यागपत्र में कहा कि यह फैसला उन्होंने गहरे आत्ममंथन और लंबे मानसिक संघर्ष के बाद लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निर्णय किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या तात्कालिक नाराजगी का परिणाम नहीं है.

इस्तीफे में जताई गहरी पीड़ा

अपने त्यागपत्र में ग्रेवाल ने लिखा कि वह अत्यंत पीड़ा, निराशा और आहत मन से पार्टी छोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा से उनका जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक और भावनात्मक भी रहा है. इसके बावजूद वर्तमान परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा कठिन निर्णय लेने के लिए मजबूर किया. उन्होंने कहा कि वर्षों तक संगठन के लिए काम करने के बाद यह फैसला लेना उनके लिए आसान नहीं था.

संगठन की कार्यप्रणाली पर लगाए आरोप

ग्रेवाल ने पंजाब भाजपा की मौजूदा कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में अब समर्पण, त्याग, सम्मान और वैचारिक प्रतिबद्धता जैसे मूल्यों का लगातार क्षरण हो रहा है. उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने वर्षों तक मेहनत करके संगठन को मजबूत किया, वे आज स्वयं को उपेक्षित और अनसुना महसूस कर रहे हैं. उनके अनुसार, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का सम्मान और उनकी भागीदारी पहले की तुलना में काफी कम हो गई है.


1992 से जुड़े थे भाजपा से

सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने वर्ष 1992 में उस समय भाजपा का दामन थामा था, जब पंजाब में पार्टी के साथ खड़े रहना आसान नहीं था. उन्होंने दावा किया कि पिछले 30 से अधिक वर्षों में उन्होंने व्यक्तिगत, पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों से ऊपर संगठन को रखा और हर चुनौतीपूर्ण दौर में पार्टी के लिए काम किया. उनका कहना है कि वर्तमान माहौल पहले की तुलना में पूरी तरह बदल चुका है.

आगे करेंगे बड़े खुलासे का दावा

इस्तीफे के अंत में ग्रेवाल ने संकेत दिया कि वह उचित समय आने पर अपने फैसले के पीछे के कारणों और संगठन के भीतर के अनुभवों को सार्वजनिक करेंगे. उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा के भीतर निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार गिर रहा है, जो संगठन के भविष्य के लिए चिंता का विषय है. फिलहाल उनके इस्तीफे पर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी तैयारियों के बीच यह इस्तीफा पंजाब भाजपा के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है.