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मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, पुजारियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र अनिवार्य

दान और चढ़ावे को लेकर उठते सवालों के बीच मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है. ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज ने पुजारियों को बिना जेब वाले वस्त्र वितरित किए.

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Edited By: Shanu Sharma
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, पुजारियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र अनिवार्य
Courtesy: ANI

मनसा देवी मंदिर में दान और चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में मंदिर ट्रस्ट ने अहम निर्णय लिया है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज ने मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारियों को बिना जेब वाले विशेष वस्त्र वितरित किए हैं. 

ट्रंस्ट की ओर से इस कदम के पीछे  का उद्देश्य चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को समाप्त करना और श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत करना है. श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि मंदिर में आने वाला प्रत्येक दान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है. ऐसे में उसकी सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना ट्रस्ट की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

अचानक निरीक्षण से मचा हड़कंप

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज बिना किसी पूर्व सूचना के बुधवार को मंदिर पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले मंदिर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और इसके बाद वहां मौजूद पुजारियों के कुर्तों की जेबों की भी जांच की. अचानक हुई इस कार्रवाई से मंदिर परिसर में हलचल का माहौल बन गया. ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, यह निरीक्षण हाल के दिनों में देश के कुछ मंदिरों में चढ़ावे को लेकर सामने आए विवादों के बाद किया गया. निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया.

गड़बड़ी मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने स्पष्ट कहा कि यदि चढ़ावे या दान की राशि को लेकर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि देश के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर समय-समय पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित होती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने पुजारियों के लिए बिना जेब वाले वस्त्र अनिवार्य करने का निर्णय लिया है, ताकि किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश न रहे. ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर में प्राप्त होने वाले प्रत्येक दान और चढ़ावे का विधिवत लेखा-जोखा रखा जाता है. सभी आर्थिक लेन-देन का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है और उसकी नियमित निगरानी भी की जाती है.