हरिद्वार: सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से एक अनोखी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है. उत्तर प्रदेश के बागपत से आए 26 श्रद्धालु 221 फीट लंबे तिरंगे के साथ गंगाजल लेकर अपने गांव लौट रहे हैं. उनका कहना है कि यह यात्रा आस्था और देशभक्ति, दोनों का संदेश देने के लिए निकाली गई है.
हरिद्वार में रविवार को बागपत जिले के 26 कांवड़ियों ने हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पैदल यात्रा शुरू की. यह दल 221 फीट लंबे और करीब 11 फीट ऊंचे तिरंगे के साथ चल रहा है. रास्ते में यह विशाल तिरंगा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. श्रद्धालु इसे देखने के लिए रुक रहे हैं और तस्वीरें व वीडियो भी बना रहे हैं.
दल के सदस्यों ने बताया कि वे लगभग 170 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर 11 अगस्त को अपने क्षेत्र के शिवालय में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे. यात्रा के दौरान सभी श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. उनका कहना है कि यह पूरी यात्रा भगवान शिव के आशीर्वाद और श्रद्धा की भावना से प्रेरित है.
दल के सदस्य हरेंद्र कुमार ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है. वे देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं. उनका मानना है कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होनी चाहिए.