'अब्बू यहां हमला हो गया है, नेट बंद हो जाएगा', ईरान में पढ़ाई कर रहे देहरादून के वहाब ने पिता को फोन पर सुनाई आपबीती
ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच देहरादून का छात्र वहाब कुम शहर से अपने पिता को फोन कर हालात बता रहा है. वहीं रियाद और दुबई में रह रहे युवाओं ने भी अलर्ट और खौफ के माहौल का जिक्र किया है.
ईरान में जारी अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं. कई बड़े ईरानी अधिकारियों की मौत की खबरों के बीच देश में शोक और अफरातफरी का माहौल है. सरकार ने 40 दिन के शोक का ऐलान किया है. इन हालातों का असर उत्तराखंड तक महसूस किया जा रहा है, जहां कई परिवारों के बेटे ईरान और खाड़ी देशों में रह रहे हैं.
देहरादून के चूना भट्टा इलाके में रहने वाले मौलाना रिवायत अली के लिए शनिवार का दिन जिंदगी का सबसे बेचैन कर देने वाला दिन बन गया. दोपहर करीब 12 बजे उनके फोन पर बेटे वहाब की घबराई आवाज सुनाई दी. वहाब पिछले आठ साल से ईरान के कुम शहर में मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है.
वहाब ने फोन पर सुनाई आपबीती
उसने जल्दबाजी में कहा कि यहां कई जगह हमले हुए हैं. नेट कभी भी बंद हो सकता है. आप परेशान मत होना. इतना कहकर फोन कट गया. इसके बाद से संपर्क नहीं हो पाया है. एक पिता के लिए यह इंतजार किसी परीक्षा से कम नहीं. रिवायत अली बार बार मोबाइल स्क्रीन देखते हैं और हर रिंग पर दिल थाम लेते हैं. उन्होंने कहा कि हम बस दुआ कर रहे हैं कि हमारा बेटा और वहां के सभी लोग सुरक्षित रहें.
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कुम शहर से जुड़े अन्य लोगों ने भी हालात को तनावपूर्ण बताया है. सामाजिक कार्यकर्ता हसन जैदी के परिचित मौलाना जहूर मेहंदी ने बातचीत में कहा कि कई जगह हमले हुए हैं और लोग डरे हुए हैं. हालांकि उनका कहना है कि ईरान जवाबी कार्रवाई भी कर रहा है.
रियाद में अलर्ट के बाद सतर्कता
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रहने वाले देहरादून के समद ने बताया कि शहर में स्थिति सामान्य है, लेकिन अमेरिकी बेस कैंप पर हमले के बाद अलर्ट जारी किया गया है. मोबाइल पर करीब डेढ़ मिनट का चेतावनी संदेश आया, जिसमें लोगों को सतर्क रहने को कहा गया. समद पेशे से ड्राइवर हैं और 20 से 25 युवकों के साथ रहते हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से हेल्पलाइन नंबर और दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय सामान्य दिनचर्या जारी रखने की अपील की है. रमजान के कारण बाजारों में रौनक है और लोग इफ्तार की तैयारी में जुटे हैं.
दुबई में भी गूंजा सायरन
दुबई में रह रहे वरुण गोस्वामी ने बताया कि इस बार हालात पहले से ज्यादा भयावह लगे. चेतावनी संदेश में साफ निर्देश दिए गए थे कि सभी लोग अपने कमरों में रहें. उन्होंने कहा कि पहले भी भारी बारिश के दौरान सायरन सुना था, लेकिन इस बार माहौल अलग था.
वरुण के साथ कमरे में चार अन्य भारतीय भी रहते हैं. परिवार को एक से डेढ़ घंटे में हालात की जानकारी मिल गई, लेकिन तब तक घर पर चिंता का माहौल बन चुका था. उनके पिता और अन्य परिजन लगातार संपर्क करने की कोशिश करते रहे.