वोटर लिस्ट अपडेट का मौका, 13 अगस्त तक करें सुधार; 15 सितंबर को जारी होगी अंतिम सूची
हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के तहत मतदाता सूची का सत्यापन जारी है. 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं. अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को प्रकाशित होगी.
देहरादून: हरिद्वार जिले में मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 तेज गति से चलाया जा रहा है. इसी क्रम में गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनन्द स्वरूप की अध्यक्षता में भगवानपुर तहसील सभागार में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के साथ बैठक हुई. बैठक में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई और सभी दलों से पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा सूची की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया गया.
बैठक में बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक नए नाम जोड़ने, संशोधन कराने और आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया जारी रहेगी. इसके बाद प्राप्त आवेदनों का परीक्षण और निस्तारण किया जाएगा.
15 सितंबर को जारी होगी अंतिम सूची
निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि 14 जुलाई से 11 सितंबर तक दावों और आपत्तियों पर सुनवाई और जांच की जाएगी. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. अधिकारियों ने नागरिकों से समय रहते अपने विवरण की जांच कराने और आवश्यक सुधार कराने की अपील की.
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मतदाता सूची में सुधार का अवसर
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में नहीं है तो वह निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से आवेदन कर सकता है. इसके अलावा किसी मतदाता की मृत्यु, निवास परिवर्तन या नाम और पते में त्रुटि होने पर भी संशोधन या विलोपन के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. ऑनलाइन और बीएलओ के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है.
हरिद्वार में 12 लाख से अधिक मतदाता
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 12,46,219 मतदाता पंजीकृत हैं. इनमें 6,64,795 पुरुष, 5,81,323 महिला और 101 अन्य मतदाता शामिल हैं. निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची का भी सत्यापन किया जा रहा है ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन हो सके.
राजनीतिक दलों से मांगा गया सहयोग
आयुक्त आनन्द स्वरूप ने सभी राजनीतिक दलों से मतदाता सूची का गहन अध्ययन करने और यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई दे तो समय सीमा के भीतर सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की. जिला निर्वाचन कार्यालय और सभी तहसीलों में नियंत्रण कक्ष भी बनाए गए हैं, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है.