देहरादून: उत्तराखंड में गंगा की लहरों पर रोमांच तलाशने वाले पर्यटकों के लिए राफ्टिंग सीजन अब समाप्ति की ओर है. मानसून अवधि को देखते हुए 30 जून की शाम से गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगा दी जाएगी. इस बार का सीजन कई मायनों में खास रहा, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में सबसे अधिक पर्यटक राफ्टिंग के लिए पहुंचे. पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह सीजन उत्साह और बेहतर आय लेकर आया.
गंगा नदी में राफ्टिंग का संचालन मंगलवार शाम साढ़े छह बजे तक जारी रहेगा. इसके बाद मानसून को देखते हुए सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी जाएगी. नियमों के अनुसार जुलाई और अगस्त महीने में राफ्टिंग पूरी तरह बंद रहती है. मौसम और जलस्तर की स्थिति सामान्य रहने पर सितंबर के मध्य में दोबारा संचालन शुरू किया जाएगा.
इस सीजन में 3.80 लाख से अधिक पर्यटकों ने गंगा में राफ्टिंग का आनंद लिया. पिछले सीजन में यह संख्या करीब 2.64 लाख थी. यानी इस बार एक लाख से अधिक पर्यटक अतिरिक्त पहुंचे. पर्यटन कारोबारियों का मानना है कि बेहतर मौसम और लंबे समय तक संचालन जारी रहने से पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
वर्ष 2022 के बाद यह पहला अवसर है जब राफ्टिंग गतिविधियां अपने निर्धारित समय 30 जून तक संचालित हुईं. पिछले वर्षों में मानसून जल्दी आने और लगातार बारिश होने के कारण राफ्टिंग समय से पहले बंद करनी पड़ी थी. इस बार मानसून की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे पूरे सीजन का संचालन संभव हो सका.
गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति राफ्टिंग गतिविधियों की निगरानी करती है. समिति के सचिव और जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी जसपाल चौहान के अनुसार सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मानसून अवधि में राफ्टिंग बंद करना अनिवार्य है. जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव की आशंका के चलते यह फैसला हर वर्ष तय नियमों के अनुसार लिया जाता है.
देवप्रयाग से मुनिकीरेती तक कुल 576 राफ्टों के संचालन की अनुमति है. वर्तमान में 263 कंपनियों की 560 राफ्टें संचालित हो रही हैं. ब्रह्मपुरी, गोल्फ कोर्स, शिवपुरी और मरीन ड्राइव जैसे रूट पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय रहे. अब पर्यटन कारोबारियों की नजर सितंबर पर है, जब गंगा में फिर से रोमांचक सफर की शुरुआत होगी.