उत्तराखंड के 25 साल होने के मौके पर आदि कैलाश में पहली बार मैराथन, जानें क्यों है खास और क्या है महत्व?
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 14,000 फुट ऊंचाई पर पहली हाई एल्टीट्यूड 'आदि कैलाश परिक्रमा रन' आयोजित हुई. 22 राज्यों के 580 धावकों ने भाग लिया. आयोजन से शीतकालीन पर्यटन और सीमांत विकास को बढ़ावा मिलेगा.
उत्तराखंड: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पवित्र और पौराणिक स्थल आदि कैलाश में रविवार को राज्य की पहली हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन मैराथन का ऐतिहासिक आयोजन किया गया. यह आयोजन समुद्र तल से करीब 14,000 फुट की ऊंचाई पर किया गया, जो अपने आप में एक अद्वितीय उपलब्धि है. उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से आए 580 से अधिक धावकों ने भाग लिया.
इस ‘आदि कैलाश परिक्रमा रन’ की शुरुआत तड़के सुबह पांच बजे केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने जोलिंगकोंग से की. इस दौरान हिमालय की कड़कड़ाती ठंड में एथलीटों ने “जय भोलेनाथ” के जयकारों के बीच अपनी दौड़ की शुरुआत की. 60 किलोमीटर लंबी मुख्य परिक्रमा रन के साथ-साथ मनीला गूंजी से 5, 10, 21 और 42 किलोमीटर की दौड़ें भी आयोजित की गईं.
सीमांत गांवों के लोगों का भी होगा विकास
मैराथन स्थल पर स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों का भी विशेष प्रदर्शन किया गया. आयोजन स्थल पर स्थानीय जड़ी-बूटी व्यंजन, हस्तशिल्प और सरकारी विभागों के जानकारी स्टॉल लगाए गए थे. कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करना था, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना था.
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम है, जिनकी पहल से सर्दियों में वीरान पड़े रहने वाले आदि कैलाश क्षेत्र को अब सालभर जीवंत बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि सीमांत गांवों में भी वर्षभर आर्थिक और पर्यटन गतिविधियां चलती रहें. यह आयोजन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
ये आयोजन नहीं बल्कि गर्व का क्षण
आयोजन में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), भारतीय सेना, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों की अहम भूमिका रही. सभी ने मिलकर देशभर से आए धावकों के लिए गुंजी क्षेत्र में ठहरने, भोजन और सुरक्षा की उत्कृष्ट व्यवस्था की. प्रदेश के पर्यटन सचिव धीरज गर्बयाल ने बताया कि मैराथन में 15 से 60 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि शून्य से लेकर माइनस 14 डिग्री तापमान में आयोजित इस अल्ट्रा रन में कई धावकों को स्वास्थ्य कारणों से अयोग्य घोषित किया गया. फिर भी, बड़ी संख्या में एथलीटों ने इस कठिन भूभाग में साहस और समर्पण का परिचय दिया.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मैराथन के सफल आयोजन पर सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और स्थानीय नागरिकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण है. आदि कैलाश जैसे पवित्र और आध्यात्मिक धाम में आयोजित यह ऐतिहासिक दौड़ साहस, समर्पण और श्रद्धा की मिसाल है. यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन और खेल संस्कृति को नई दिशा देगा. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद से इस क्षेत्र में पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे.
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