menu-icon
India Daily

उत्तराखंड स्थापना दिवस: पीएम मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू जश्न में होंगे शामिल, चल रही भव्य तैयारी, यहां जाने पूरा शेड्यूल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 11 नवंबर की जगह 9 नवंबर को देहरादून आएंगे. उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर उनके आने से सिल्वर जुबली सेलिब्रेशन के शेड्यूल में बदलाव किया गया है.

princy
Edited By: Princy Sharma
उत्तराखंड स्थापना दिवस: पीएम मोदी-राष्ट्रपति मुर्मू जश्न में होंगे शामिल, चल रही भव्य तैयारी, यहां जाने पूरा शेड्यूल
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड राज्य बनने की 25वीं सालगिरह मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस मील के पत्थर को यादगार बनाने के लिए, उत्तराखंड सरकार पूरे राज्य में बड़े सेलिब्रेशन की प्लानिंग कर रही है. इस मौके को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी दोनों ही इस ऐतिहासिक इवेंट का हिस्सा होंगे. चलिए जानते हैं पूरा शेड्यूल

पहले, PM मोदी के 11 नवंबर को उत्तराखंड आने की उम्मीद थी लेकिन अब उनका दौरा 9 नवंबर को रीशेड्यूल कर दिया गया है, ठीक उसी दिन जब 2000 में राज्य ऑफिशियली बना था. इस बदलाव की घोषणा उत्तराखंड BJP ने की थी और अब तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देहरादून में FRI (फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट) में एक बड़ा इवेंट ऑर्गनाइज किया जाएगा, जहां PM मोदी मेन सेलिब्रेशन में हिस्सा लेंगे. हालांकि, PM मोदी के शेड्यूल की ऑफिशियल लिखित कन्फर्मेशन अभी बाकी है.

कब शुरू होंगे इवेंट्स?

उत्तराखंड सरकार इस साल के राज्य स्थापना दिवस को सच में यादगार बनाना चाहती है. बता दें, 25वीं सालगिरह सेलिब्रेशन 1 नवंबर से शुरू होंगे और अलग-अलग जिलों में कई कल्चरल और पब्लिक इवेंट्स प्लान किए गए हैं. पारंपरिक लोक कार्यक्रमों से लेकर राज्य की उपलब्धियों को दिखाने वाली प्रदर्शनियों तक, पिछले 25 सालों में उत्तराखंड की तरक्की का जश्न मनाने पर फोकस होगा. इस उत्साह को और बढ़ाते हुए राज्य विधानसभा का दो दिन का खास सेशन भी होगा.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी होंगे शामिल

3 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सेशन को संबोधित करेंगी और उत्तराखंड के विकास और तरक्की के सफर के बारे में बताएंगी. एक ही हफ्ते में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों के राज्य के दौरे के साथ, उत्तराखंड कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स के लिए तैयार हो रहा है. सरकार, प्रशासन और लोकल बॉडीज ने सुरक्षा व्यवस्था, ब्यूटीफिकेशन ड्राइव और जगह की तैयारी पर काम करना शुरू कर दिया है. इस साल का फाउंडेशन डे सेलिब्रेशन उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जो 25 साल की कड़ी मेहनत, विकास और उन लोगों के सपनों का प्रतीक होगा जिन्होंने इस पहाड़ी राज्य को आज जैसा बनाया है.