ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन समाप्त होने के बाद भी नैनीताल में पर्यटकों की आवाजाही थमने का नाम नहीं ले रही है. इस सप्ताहांत बड़ी संख्या में सैलानियों के पहुंचने से शहर फिर गुलजार नजर आया. पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि अब नैनीताल में ऑफ सीजन जैसी स्थिति पहले की तरह नहीं रही.
30 जून के बाद आमतौर पर पर्यटकों की संख्या में कमी आने की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस बार तस्वीर अलग दिखाई दी. दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश सहित कई इलाकों से बड़ी संख्या में लोग नैनीताल पहुंचे. शुक्रवार शाम से शुरू हुआ पर्यटकों का आगमन रविवार तक लगातार जारी रहा. शहर के प्रमुख मार्गों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर दिनभर चहल-पहल बनी रही. स्थानीय लोगों और कारोबारियों का कहना है कि इस वीकेंड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि नैनीताल की लोकप्रियता मौसम के किसी एक दौर तक सीमित नहीं है. पर्यटकों की मौजूदगी से पूरे शहर में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
सप्ताहांत के दौरान शहर के अधिकांश होटल लगभग पूरी तरह भरे रहे. वहीं एक दिन के भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों की संख्या भी काफी अधिक रही. चिड़ियाघर, हिमालय दर्शन स्थल, वॉटरफॉल, केव गार्डन और बोटेनिकल गार्डन में पूरे दिन लोगों की आवाजाही बनी रही. नैनी झील में नौकायन का आनंद लेने वालों की भी अच्छी संख्या देखने को मिली. माल रोड पर पर्यटकों की भीड़ के कारण खासा उत्साह दिखाई दिया. मौसम ने भी साथ दिया और बारिश न होने से लोगों ने खुले तौर पर घूमने-फिरने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का अवसर प्राप्त किया.
पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से स्थानीय होटल, रेस्तरां और अन्य पर्यटन कारोबारियों में उत्साह है. नैनीताल होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट का कहना है कि मानसून का दौर शुरू होने के बावजूद लोगों का रुझान कम नहीं हुआ है. उनका मानना है कि आने वाले सप्ताहांतों में भी अच्छी संख्या में पर्यटक पहुंच सकते हैं. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पर्यटन उद्योग को नया संबल मिलेगा. कारोबारियों का मानना है कि बदलते पर्यटन रुझानों के कारण अब नैनीताल साल के अधिकतर समय पर्यटकों से आबाद रहने लगा है, जिससे ऑफ सीजन की अवधारणा धीरे-धीरे अप्रासंगिक होती जा रही है.