उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक प्रेरणादायक सफलता की खबर सामने आई है. गंगोलीहाट क्षेत्र के युवा यश सिंह खाती ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर देश की प्रतिष्ठित तकनीकी कंपनियों में शामिल अमेजन में जगह बनाई है. महज 22 वर्ष की उम्र में उन्हें 48 लाख रुपये सालाना का आकर्षक पैकेज मिला है.
ग्राम सभा चौली के निवासी यश सिंह खाती ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. उनके पिता जगत सिंह खाती पूर्व पालिका अध्यक्ष होने के साथ मिशन इंटर कॉलेज में शिक्षक भी रह चुके हैं, जबकि माता कविता खाती शिक्षण कार्य से जुड़ी हैं. शिक्षा और अनुशासन से भरे पारिवारिक माहौल ने यश को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई पिथौरागढ़ के डान बास्को विद्यालय से की और 12वीं की परीक्षा 97 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने देहरादून के एक मानित विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई शुरू की और तकनीकी क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई.
बीटेक के अंतिम सत्र के दौरान यश को अमेजन में छह महीने की इंटर्नशिप का अवसर मिला. इस दौरान उन्होंने अपनी कार्यकुशलता, तकनीकी समझ और समर्पण से कंपनी के अधिकारियों को प्रभावित किया. उनके प्रदर्शन से संतुष्ट होकर कंपनी ने उन्हें प्री-प्लेसमेंट ऑफर दिया. यही अवसर आगे चलकर उनके लिए बड़ी सफलता का कारण बना. 48 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज के साथ अमेजन में चयन न केवल यश के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है. उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी वैश्विक कंपनियों में अपनी पहचान बना सकते हैं.
यश की इस उपलब्धि पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. परिवार के सदस्यों के साथ-साथ उनके नाना माधो सिंह बोरा ने भी इस सफलता पर प्रसन्नता जताई है. डान बास्को विद्यालय के शिक्षकों, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोगों ने यश को बधाई दी है. क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यश की सफलता ने पिथौरागढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है. उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और युवाओं को बड़े सपने देखने तथा उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी.