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उपनल के कर्मचारियों की हुई बल्ले-बल्ले! धामी कैबिनेट ने समान वेतन पर लगाई मुहर, 12 बड़े फैसलों का ऐलान

उत्तराखंड कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने सहित 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है. शिक्षा, पशुपालन, आबकारी और कारागार सुधार से जुड़े फैसलों को भी हरी झंडी मिली.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
उपनल के कर्मचारियों की हुई बल्ले-बल्ले! धामी कैबिनेट ने समान वेतन पर लगाई मुहर, 12 बड़े फैसलों का ऐलान
Courtesy: social media

देहरादून: उत्तराखंड की धामी सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने का निर्णय सबसे प्रमुख रहा. इसके अलावा राज्य को पूर्ण साक्षर बनाने का संकल्प, पशुपालन क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा, आबकारी नियमों में बदलाव और कारागार व्यवस्था में सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी फैसला लिया गया.

उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत

कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित निर्णय उपनल कर्मचारियों से जुड़ा रहा. सरकार ने समान कार्य करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. लंबे समय से इस मांग को लेकर विभिन्न मंचों पर आवाज उठाई जा रही थी. इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. सरकार ने कटऑफ तिथि से बाहर रह गए कुछ कर्मचारियों से जुड़े मामलों को भी मंजूरी दी है, जिससे कई लंबित मामलों का समाधान होने का रास्ता साफ हुआ है. इस निर्णय को कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

पूर्ण साक्षर राज्य बनने की दिशा में कदम

धामी सरकार ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का लक्ष्य भी तय किया है. इस दिशा में राज्य स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी की जाएगी. सरकार का मानना है कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक विकास की मजबूत नींव है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं को गति देने की रणनीति बनाई जा रही है. संस्कृत शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड संस्कृत नियमावली 2026 में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है.

अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल

कैबिनेट ने हिमालय कार रैली के आयोजन को मंजूरी देकर पर्यटन और राज्य की पहचान को नई मजबूती देने का प्रयास किया है. इस आयोजन में करीब 25 देशों के प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है. इसके अलावा आबकारी नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है. सरकार ने वेट और सेस से जुड़े दोहरे कर के बोझ को समाप्त करने का निर्णय लिया है. इससे व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और आर्थिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

पशुपालन और कारागार व्यवस्था में सुधार

बैठक में पशुपालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए एम्ब्रियो ट्रांसफर यानी भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक को मंजूरी दी गई. पायलट परियोजना के रूप में शुरू होने वाली यह योजना पशुधन की गुणवत्ता सुधारने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है. दूसरी ओर, राज्य की जेल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए उत्तराखंड कारागार नियमावली तथा कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी.