दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर अब आम लोगों के लिए खुल गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए इसे विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए संकल्प केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारा भी जाता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का शुरू होना इसी सोच का परिणाम है. मुख्यमंत्री के अनुसार यह परियोजना देश के विकास और आधुनिक कनेक्टिविटी के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का मजबूत उदाहरण है.
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व में जो संकल्प लिया जाता है, उसे धरातल पर उतारकर भी दिखाया जाता है। ₹12,000 करोड़ की लागत से निर्मित 213 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर यातायात प्रारंभ होना विकसित भारत के संकल्प की एक और ऐतिहासिक… pic.twitter.com/MyjcjxUDfB
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 29, 2026Also Read
करीब 213 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. परियोजना के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज होने की उम्मीद है. बेहतर सड़क संपर्क से लोगों को समय की बचत होगी, जबकि व्यापारिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को भी नई गति मिलेगी. इससे यात्रियों और कारोबारियों दोनों को लाभ पहुंचने की संभावना है.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि आर्थिक प्रगति और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार भी है. उनका मानना है कि इससे उत्तराखंड सहित आसपास के क्षेत्रों में निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों और स्थानीय व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा. उन्होंने इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया.