रक्षाबंधन के मौके पर देहरादून में आयोजित समारोहों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मातृशक्ति के बीच पहुंचे. उन्होंने कहा कि आज वह मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी बहनों के बीच एक भाई बनकर आए हैं.
धामी ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी बहन या बेटी को कोई समस्या हो तो वह अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाने के लिए काम कर रही है, जहां बेटियां सुरक्षित रहें, महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और माताएं सम्मान के साथ जीवन बिताएं.
सर्वे स्टेडियम, देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में बहनों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आई बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर प्रदेश के चहुंमुखी विकास के प्रति लिए गए संकल्पों की सिद्धि का आशीर्वाद दिया।… pic.twitter.com/5awaibBgFs
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 23, 2026
हाथीबड़कला के सर्वे स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की ओर से आयोजित समारोह में करीब 20 हजार महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी. कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर और भाजपा नेता सुधा यादव भी मौजूद रहीं. वीर नारियों की मौजूदगी के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी और नेपाली संस्कृति की प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र बनीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में सरकार ने 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है. भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून और परीक्षा व्यवस्था में सुधार किए गए हैं.
रक्षाबंधन पर धामी ने महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निश्शुल्क यात्रा की घोषणा की. इससे महिलाएं मायके और परिवार से मिलने मुफ्त यात्रा कर सकेंगी.