उत्तराखंड में युवाओं से जुड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्यमंत्री युवा छात्र सम्मेलन में शामिल होंगे. इसके जरिए वह राज्यभर के तीन लाख से अधिक युवा छात्रों से संवाद करेंगे. धामी ने एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी साझा की है. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में युवाओं के सपनों, विचारों और आकांक्षाओं को समझने का प्रयास होगा. उनकी सोच के अनुरूप उत्तराखंड के भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी. राज्य के विकास और भविष्य की दिशा.
मुख्यमंत्री धामी सुबह 11 बजे सम्मेलन के माध्यम से छात्रों से बातचीत करेंगे. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी के साथ सीधे संवाद का अवसर तैयार करना है. विभिन्न हिस्सों से छात्र इसमें जुड़ेंगे. मुख्यमंत्री उनके विचार सुनेंगे और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात रखेंगे.
सीधा संवाद, नई पीढ़ी के साथ...
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 10, 2026
आज प्रातः 11 बजे प्रदेशभर के 3 लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों से ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के माध्यम से संवाद करूंगा।
युवाओं के सपनों, विचारों और आकांक्षाओं को जानेंगे और उनके विजन के अनुरूप भविष्य के उत्तराखण्ड की रूपरेखा पर मंथन करेंगे। pic.twitter.com/5qAOaD3s16
धामी के अनुसार सम्मेलन में राज्य के तीन लाख से ज्यादा युवा छात्र संवाद का हिस्सा बनेंगे. इतनी बड़ी भागीदारी इसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम बनाती है. इसमें युवाओं की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं को समझने पर जोर रहेगा. इससे सरकार और नई पीढ़ी के बीच संवाद मजबूत होगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बातचीत के दौरान युवाओं के सपनों, विचारों और आकांक्षाओं को समझा जाएगा. उनकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य को लेकर सोच जानने पर ध्यान रहेगा. युवाओं की आवाज को विकास से जोड़ने की कोशिश होगी. उनकी अपेक्षाओं को प्रमुखता देने की बात है.
सम्मेलन में उत्तराखंड के भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा होगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक युवाओं की सोच और सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य की आगे की दिशा पर विचार किया जाएगा. नई पीढ़ी को विकास यात्रा से जोड़ना इसका अहम पहलू है. इससे भागीदारी को नई दिशा मिलेगी.
मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर पोस्ट कर कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने इसे नई पीढ़ी के साथ सीधे संवाद का अवसर बताया. अब छात्रों की नजर मुख्यमंत्री के संबोधन पर है. कार्यक्रम में सामने आने वाले सुझाव आगे की योजनाओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं. इससे सरकार को युवाओं की अपेक्षाएं समझने में मदद मिलेगी.