हरिद्वार में रविवार को डाक कांवड़ यात्रियों की भीड़ ने मेले को अपने चरम पर पहुंचा दिया. सुबह से ही दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त धर्मनगरी पहुंचते रहे. दिल्ली हाईवे से लेकर गंगा घाटों तक हर ओर भगवा रंग दिखाई दिया और बोल बम के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा.
गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. पिछले 24 घंटे में 75 लाख से अधिक कांवड़ यात्री हरिद्वार से रवाना हो चुके हैं. इसके साथ ही इस बार मेले में हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों की कुल संख्या चार करोड़ के करीब पहुंच गई है.
डाक कांवड़ वाहनों की भारी भीड़ के कारण हरिद्वार के आसपास के मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ गया है. मंगलौर की ओर से डायवर्ट किए गए डाक कांवड़ के वाहनों से करीब 30 किलोमीटर लंबा लक्सर रोड वाहनों से भरा नजर आ रहा है. वहीं, गंगा जल लेकर लौट रहे कांवड़ यात्री दिल्ली हाईवे से अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं.
हाईवे पर एक ओर गंगनहर बह रही है तो दूसरी ओर भगवा झंडों से सजे डाक कांवड़ वाहन और बाइक सवार शिवभक्त नजर आ रहे हैं. भोलेनाथ के जयकारों के बीच आगे बढ़ते कांवड़ यात्रियों का यह दृश्य ऐसा लग रहा है, जैसे हरिद्वार से दिल्ली की दिशा में गंगा के समानांतर भगवा धारा बह रही हो.
डाक कांवड़ के वाहनों की बढ़ती संख्या से पार्किंग स्थलों पर भी दबाव बढ़ गया है. हरिद्वार की प्रमुख पार्किंग बैरागी कैंप लगभग भर चुकी है. लगातार पहुंच रहे बड़े वाहनों को देखते हुए रात तक दक्षदीप मैदान में अतिरिक्त वाहनों को खड़ा कराने की तैयारी की गई है.
बड़े चौपहिया वाहनों के साथ बाइक से आने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. बाइकर्स के जत्थों के कारण शहर के भीतर और आसपास के संपर्क मार्गों पर यातायात व्यवस्था चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. कांवड़ मेले की चरम स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह लगातार मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं. अधिकारी मौके पर पहुंचकर यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं.