देहरादून: देहरादून में यूपीसीएल की राजस्व वसूली और कामकाज की समीक्षा के दौरान प्रबंधन ने अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने जुलाई तक लक्ष्य के मुकाबले केवल 55 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति पर नाराजगी जताई. उन्होंने डिफाल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के साथ बिजली चोरी रोकने पर जोर दिया. इसके अलावा लंबित नए कनेक्शनों, स्मार्ट मीटर और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को समयसीमा और गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने को कहा गया.
पीसी ध्यानी ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व संग्रह को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष के दौरान यूपीसीएल को लाभ कमाने वाला निगम बनाने के लक्ष्य पर काम किया जाए. उन्होंने डिफाल्टर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने और बिजली चोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई तेज करने को कहा. अधिकारियों को क्षेत्रवार स्थिति पर लगातार नजर रखने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए गए.
समीक्षा के दौरान एमडी ने बताया कि इस वर्ष यूपीसीएल ने बिलिंग दक्षता को 90 प्रतिशत से अधिक रखने का लक्ष्य तय किया है. इसे हासिल करने के लिए क्षेत्रीय अभियंताओं और कर्मचारियों को पूरी गंभीरता से काम करने को कहा गया. राजस्व से जुड़े कार्यों में किसी तरह की ढिलाई न बरतने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में लंबित नए विद्युत संयोजनों की स्थिति को लेकर भी पीसी ध्यानी ने नाराजगी जताई. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नए कनेक्शन तय समयसीमा के भीतर स्मार्ट मीटर के जरिए जारी किए जाएं. कनेक्शन देने में देरी होने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी. इसके साथ ही निर्धारित पेनल्टी की राशि संबंधित कार्मिक या एएमआईएसपी से वसूलने के निर्देश भी दिए गए.
एमडी ने अधिकारियों को उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से समाधान करने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा नियमों के अनुसार पूरे होने चाहिए. बिजली व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ता है, इसलिए विभागीय स्तर पर निगरानी मजबूत करने की जरूरत बताई गई. अधिकारियों को काम की गुणवत्ता के साथ समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
पीसी ध्यानी ने देहरादून में एडीबी परियोजना के तहत चल रहे विद्युत लाइनों के भूमिगत करने के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की. उन्होंने परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने के साथ काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा. इस दौरान विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने और परियोजना से जुड़े कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.