उत्तराखंड की देवभूमि में भगवान शिव से जुड़े कई प्राचीन मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं. सावन के महीने में इन शिवधामों में श्रद्धालुओं की आस्था और बढ़ जाती है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित श्री कामेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख किया है. उन्होंने इसे प्राचीन और पौराणिक शिव मंदिरों में शामिल बताते हुए श्रद्धालुओं को यहां दर्शन करने का संदेश दिया है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने एक्स अकाउंट के जरिए श्री कामेश्वर महादेव मंदिर की धार्मिक पहचान का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि यह मंदिर पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में स्थित है. मुख्यमंत्री ने इसे देवभूमि के पुराने और पौराणिक शिव मंदिरों में एक बताया. उनके संदेश के बाद सावन के दौरान इस मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं की रुचि और बढ़ने की उम्मीद है.
श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल में स्थित श्री कमलेश्वर महादेव मंदिर देवभूमि के प्राचीन एवं पौराणिक शिवालयों में से एक है। स्कंद पुराण में वर्णित यह पावन धाम भगवान शिव की आराधना और आस्था का प्रमुख केंद्र है। पवित्र श्रावण मास में यदि आप पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के भ्रमण पर हैं, तो देवाधिदेव… pic.twitter.com/bx9jqFgi0V
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 20, 2026
मुख्यमंत्री के अनुसार, श्री कामेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में मिलता है. इसी वजह से इस स्थान को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है. मंदिर को भगवान शिव की पूजा और भक्ति के प्रमुख केंद्र के रूप में बताया गया है. पौराणिक संदर्भ इस शिवधाम की धार्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं और इसे उत्तराखंड की आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों में स्थान देते हैं.
सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान उत्तराखंड के विभिन्न शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. श्रीनगर का श्री कामेश्वर महादेव मंदिर भी ऐसे धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां भक्त भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंच सकते हैं. मुख्यमंत्री ने सावन में पौड़ी गढ़वाल आने वाले लोगों से इस मंदिर के दर्शन करने की अपील की है.
उत्तराखंड में धार्मिक आस्था से जुड़े मंदिर पर्यटन का भी प्रमुख हिस्सा हैं. पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में स्थित श्री कामेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख श्रद्धालुओं के लिए एक नए धार्मिक पड़ाव की जानकारी देता है. सावन में यहां आने वाले लोग भगवान शिव के दर्शन के साथ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का भी अनुभव कर सकते हैं. मुख्यमंत्री का संदेश धार्मिक स्थलों की पहचान को लोगों तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.