उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ प्राचीन मंदिरों और धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है. चमोली जिले में स्थित श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर ऐसा ही एक पवित्र स्थल है, जो भगवान शिव की आराधना और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्राचीन शिवधाम का उल्लेख करते हुए लोगों से यहां दर्शन करने का आग्रह किया है. उन्होंने अपने पोस्ट में बैरासकुंड महादेव मंदिर को भगवान शिव को समर्पित प्राचीन और पौराणिक शिवधाम बताया. उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि चमोली आने पर इस धार्मिक स्थल के दर्शन जरूर करें.
बैरासकुंड महादेव मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यता लंकापति रावण की तपस्या को लेकर है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इसी स्थान पर घोर तप किया था. लंबे समय तक की गई इस साधना के कारण यह क्षेत्र शिवभक्तों के बीच विशेष धार्मिक महत्व रखता है. रावण को भगवान शिव का परम भक्त माना जाता है. इसी वजह से उसके द्वारा की गई तपस्या से जुड़े स्थानों को भी हिंदू धर्म में विशेष आस्था के साथ देखा जाता है. बैरासकुंड महादेव धाम भी इसी धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
जनपद चमोली में स्थित श्री बैरासकुंड महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित प्राचीन एवं पौराणिक शिवधाम है। मान्यता है कि लंकापति रावण ने यहां भगवान शिव की घोर तपस्या की थी। स्कंद पुराण में भी इस पवित्र क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। चमोली आगमन पर श्री बैरासकुंड महादेव के दिव्य दर्शन अवश्य… pic.twitter.com/85eIYqZVcn
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 27, 2026
इस मंदिर की धार्मिक महत्ता केवल स्थानीय मान्यताओं तक सीमित नहीं है. मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, स्कंद पुराण में भी इस पवित्र क्षेत्र का उल्लेख मिलता है. इससे बैरासकुंड क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक परंपरा और महत्व का पता चलता है. चमोली आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह स्थान आध्यात्मिक अनुभव का अवसर देता है. हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के बीच स्थित यह शिवधाम धार्मिक आस्था के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भी सामने लाता है.
बैरासकुंड महादेव मंदिर भगवान शिव के भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है. मुख्यमंत्री धामी ने भी चमोली पहुंचने वाले लोगों से यहां दर्शन करने का आग्रह किया है. ऐसे में यदि आप चमोली की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो प्राकृतिक स्थलों के साथ इस प्राचीन शिवधाम को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं.