Chhattisgarh Weather News: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में आज यानी 27 अगस्त को बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इस बीच बलरामपुर जिले में बारिश के कारण कृषि विभाग का बांध टूट गया, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और धान की फसल को नुकसान पहुंचा है.
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बना निम्न दबाव का क्षेत्र छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर रहा है. इसके असर से अगले 24 घंटे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है.
बलरामपुर के तेतरडीह इलाके में मंगलवार दोपहर कृषि विभाग का बांध अचानक टूट गया. बांध का पानी आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे धान की फसल प्रभावित हुई है. लगातार बारिश के बीच बांध टूटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. स्थानीय स्तर पर खेतों से पानी निकालने और स्थिति का जायजा लेने की कोशिश की जा रही है. बारिश के कारण प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली है.
राजधानी रायपुर में आज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर में बौछारें पड़ सकती हैं. रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इससे पहले रायपुर के माना इलाके में तेज बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया था. जलभराव की वजह से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा.
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बना लो प्रेशर एरिया बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है. आने वाले 24 घंटे में भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है. ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग में सबसे अधिक 31.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. बारिश और बादलों की वजह से कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है.