नई दिल्ली: रचनात्मक क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने की सोच रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है. भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान और नेटफ्लिक्स ने 100 छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की घोषणा की है. इसके तहत छह व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को फीस में 80 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता मिल सकती है. खास बात यह है कि इस योजना का लाभ देशभर के छात्रों के साथ कामकाजी लोग भी उठा सकते हैं. पहल का उद्देश्य रचनात्मक उद्योग के लिए कुशल और रोजगार योग्य प्रतिभाएं तैयार करना है.
यह छात्रवृत्ति एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता से जुड़े क्षेत्रों में प्रशिक्षण को आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है. दोनों संस्थानों की साझेदारी के तहत दो एक वर्षीय डिप्लोमा और चार छह महीने के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शामिल किए गए हैं. पाठ्यक्रमों में उद्योग की जरूरतों के मुताबिक प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा. हालांकि उपलब्ध जानकारी में आवेदन की अंतिम तारीख या आवेदन का सीधा तरीका नहीं बताया गया है, इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को संस्थान की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए.
छात्रवृत्ति योजना में कुल छह व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं. इनमें दो डिप्लोमा और चार प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम हैं. इनके जरिए विद्यार्थियों को रचनात्मक उद्योग के अलग अलग हिस्सों में विशेषज्ञता हासिल करने का अवसर मिलेगा.
पाठ्यक्रमों की सूची इस प्रकार है;
इस योजना के तहत कुल 100 छात्रों को आर्थिक मदद दी जाएगी. पात्र विद्यार्थियों को अधिकतम 80 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता मिलने की बात कही गई है. इसका सीधा उद्देश्य उन छात्रों के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण का रास्ता आसान करना है, जो आर्थिक कारणों से ऐसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों तक नहीं पहुंच पाते.
योजना के जरिए छात्रों को बदलती रचनात्मक दुनिया की मांग के अनुसार तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. इसमें केवल पढ़ाई के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण और कामकाजी कौशल को भी महत्व दिया जाएगा.
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान के दृश्य प्रभाव और मीडिया प्रौद्योगिकी से जुड़े पाठ्यक्रमों को आधुनिक उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है. इनके निर्माण में नेटफ्लिक्स की ओर से भी सुझाव और जानकारी दी गई है. इस सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी जानकारी तक सीमित रखना नहीं है. उन्हें वास्तविक कामकाज में इस्तेमाल होने वाली प्रक्रियाओं, मानकों और कार्यप्रणाली की समझ देने पर ध्यान दिया गया है.
इस छात्रवृत्ति पहल की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेटफ्लिक्स के सह प्रमुख टेड सारंडोस की मुलाकात के बाद हुई. मुलाकात के दौरान भारत की कहानी कहने की समृद्ध परंपरा और देश में मौजूद रचनात्मक प्रतिभाओं पर चर्चा हुई थी. इसके बाद भारत में नई रचनात्मक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कहानी कहने से जुड़ी पहल शुरू की गई. इसमें एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता जैसे क्षेत्रों के लिए उद्योग से जुड़े कौशल विकसित करने पर जोर है.
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान को देश में एनीमेशन, दृश्य प्रभाव, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता के क्षेत्र का राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनाया गया है. इसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार, भारतीय उद्योग एवं वाणिज्य महासंघ और भारतीय उद्योग परिसंघ के साथ साझेदारी में स्थापित किया है.
फिलहाल संस्थान मुंबई के पेड्डर रोड स्थित राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम परिसर से संचालित हो रहा है. इसका स्थायी परिसर गोरेगांव की फिल्म सिटी में 10 एकड़ क्षेत्र में बनाया जा रहा है. योजना से जुड़े छात्रों के लिए यह पहल रचनात्मक उद्योग में आगे बढ़ने का अहम अवसर बन सकती है.