भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ठगों ने 65 साल की एक गृहिणी को करीब दो महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. उन्होंने दिल्ली पुलिस अधिकारी और जज बनकर वीडियो कॉल किए, संपत्ति जब्त करने का डर दिखाया और महिला से सोने के जेवर गिरवी रखवाकर 22 लाख रुपये ठग लिए. रकम मिलने के बाद भी ठग महिला पर कॉल के जरिए निगरानी रखते रहे. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
महिला मूल रूप से आंध्र प्रदेश की रहने वाली हैं. वे पति के साथ अपने गांव गई हुई थीं. तभी ठगों ने फोन कर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया. उन्होंने दावा किया कि महिला के नाम से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है. ठगों ने महिला को इतना डरा दिया कि वे लगातार उनके हर निर्देश मानती रहीं.
कभी ठग पुलिस अधिकारी बनकर बात करते, कभी सीआईडी अफसर और कभी सुप्रीम कोर्ट के जज बनकर वीडियो कॉल करते. उन्होंने वीडियो कॉल पर पुलिस स्टेशन जैसा माहौल भी दिखाया. महिला के पति से एक आवेदन लिखवाकर उस पर हस्ताक्षर भी करवाए गए. इससे दंपती को लगा कि मामला सचमुच गंभीर है.
ठगों ने कहा कि पूरा मामला 'सीक्रेट सुपरविजन' में चल रहा है. किसी को इसकी जानकारी देने पर जान का खतरा हो सकता है. उन्होंने नरेश गोयल के नाम का भी इस्तेमाल कर महिला को और डराया, जबकि दंपती उन्हें जानते तक नहीं थे. ठगों ने संपत्ति सीज करने का आदेश जारी होने का डर भी दिखाया.
इस डर के कारण महिला को आंध्र प्रदेश से भोपाल बुलाया गया. यहां ठगों के कहने पर उन्होंने सोने के जेवर गिरवी रखवाए और 22 लाख रुपये ठगों को भेज दिए. रकम मिलने के बाद भी ठग कॉल के जरिए महिला पर नजर रखते रहे. भोपाल पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.