उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर भारतीय सांख्यिकी के जनक माने जाने वाले प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा संदेश में महालनोबिस के योगदान को देश के विकास की मजबूत नींव बताया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक सोच, विश्वसनीय आंकड़े और सटीक विश्लेषण किसी भी राष्ट्र की योजनाओं को सफल बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस ने भारत में सांख्यिकी विज्ञान को नई दिशा दी. उन्होंने भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना कर देश में डेटा आधारित अनुसंधान और नीति निर्माण की मजबूत परंपरा विकसित की. मुख्यमंत्री ने उनकी जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन किया.
राष्ट्र के विकास को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सटीक आंकड़ों की मजबूत नींव प्रदान करने वाले, भारतीय सांख्यिकी के अग्रदूत एवं भारतीय सांख्यिकी संस्थान के संस्थापक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
सटीक आंकड़े ही प्रभावी नीतियों और सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार… pic.twitter.com/0wER6IZN7XAlso Read
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 29, 2026
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी सरकार की योजनाओं की सफलता विश्वसनीय आंकड़ों पर निर्भर करती है. सही डेटा के आधार पर बनाई गई नीतियां समाज के हर वर्ग तक बेहतर तरीके से पहुंचती हैं. उन्होंने कहा कि मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए प्रमाणिक और सटीक सांख्यिकीय जानकारी आवश्यक है.
राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस हर वर्ष प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर मनाया जाता है. इस दिन सांख्यिकी के क्षेत्र में योगदान देने वाले विशेषज्ञों और संस्थानों के कार्यों को याद किया जाता है. साथ ही डेटा आधारित नीति निर्माण और अनुसंधान की उपयोगिता पर भी विशेष जोर दिया जाता है.
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सभी सांख्यिकीविदों, शोधकर्ताओं, डेटा विश्लेषकों और नीति निर्माताओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि इन सभी की मेहनत देश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि भविष्य का विकास ज्ञान, तकनीक और विश्वसनीय आंकड़ों पर आधारित होगा. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर और सटीक डेटा का उपयोग करके ही देश की प्रगति को नई गति दी जा सकती है. यही प्रो. महालनोबिस की सबसे बड़ी विरासत भी है.