देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शनिवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की 48 महिलाओं को सम्मानित किया. इनमें 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार दिया गया. महिलाओं को विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया.
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने दोनों पुरस्कारों की सम्मान राशि बढ़ाने की घोषणा भी की. तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है. वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की राशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की घोषणा की गई है.
मुख्यसेवक सदन में वीरांगना तीलू रौतेली जी की जयंती के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राज्य की मातृशक्ति को प्रतिष्ठित वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार तथा 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार से… pic.twitter.com/IXJzD7SY7A
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 8, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बढ़ोतरी केवल आर्थिक सम्मान नहीं है, बल्कि प्रदेश की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण, सेवा और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की राशि 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई थी. अब इसमें 24 हजार रुपये की और बढ़ोतरी की गई है.
सीएम धामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में की गई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये और सहायिकाओं का 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति देने का प्रावधान भी किया गया है.
मुख्यमंत्री ने वीरांगना तीलू रौतेली को साहस, वीरता और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल वीर पुरुषों की भूमि नहीं है, बल्कि यहां की बेटियों और महिलाओं ने भी अपने साहस और संघर्ष से इतिहास रचा है. जब भी महिला योद्धाओं की वीरता की चर्चा होगी, तीलू रौतेली का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा.
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और क्षमताओं से हमेशा प्रदेश का मान बढ़ाया है. पुरस्कार पाने वाली महिलाएं राज्य की दूसरी महिलाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी.
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शुरुआती विकास, पोषण, स्वास्थ्य और समग्र देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का काम करती हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जन्म से लेकर शिक्षा, पोषण, सुरक्षा और स्वरोजगार तक हर स्तर पर बेटियों के साथ खड़ी है. महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि जब उत्तराखंड की महिलाएं और बेटियां सशक्त होंगी, तभी प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प पूरा किया जा सकेगा.