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धामी सरकार का नया मिशन, जल से लेकर जमीन बचाने की बड़ी पहल; अमझर जलागम परियोजना से आत्मनिर्भर बनेंगे गांव

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में अमझर जलागम परियोजना विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, भू-क्षरण रोकना, ग्रामीणों को स्वरोजगार से जोड़ना और जल पंचायत मॉडल को बढ़ावा देना है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
धामी सरकार का नया मिशन, जल से लेकर जमीन बचाने की बड़ी पहल; अमझर जलागम परियोजना से आत्मनिर्भर बनेंगे गांव
Courtesy: @pushkardhami X Account

देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अमझर जलागम परियोजना (Amjhar Watershed Project) को विकसित करने की योजना तैयार की गई है. इस परियोजना का उद्देश्य जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करना है.

राज्य सरकार का मानना है कि जलागम आधारित विकास मॉडल पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों का प्रभावी समाधान बन सकता है. अमझर जलागम परियोजना के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए स्थानीय समुदायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. यह परियोजना सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित की जाएगी.

परियोजना के तहत क्या-क्या होगा?

परियोजना के तहत सूखते हुए प्राकृतिक जल स्रोतों, झरनों और नदियों के पुनर्जीवन का कार्य किया जाएगा. इसके लिए वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जाएगा. जल संरक्षण के प्रयासों से न केवल पेयजल उपलब्धता में सुधार होगा बल्कि कृषि और पशुपालन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी.

इसके अलावा संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भू-क्षरण और मिट्टी के कटाव की समस्या को रोकने के लिए विशेष उपाय किए जाएंगे. पहाड़ों में होने वाले भू-स्खलन और भूमि क्षरण की घटनाओं को कम करने के लिए संरचनात्मक और जैविक उपाय अपनाए जाएंगे. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.

क्या है इसका उद्देश्य?

परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीणों को स्वरोजगार और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है. इसके तहत किसानों और ग्रामीण परिवारों को कृषि, बागवानी, पशुपालन और मुर्गी पालन जैसी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. आर्थिक सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.

क्या है जल मॉडल?

अमझर जलागम परियोजना के अंतर्गत 'जल पंचायत' मॉडल को भी विकसित किया जाएगा. इस मॉडल के तहत गांवों को जल संसाधनों के प्रबंधन और संरक्षण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. स्थानीय समुदायों की भागीदारी से जल संरक्षण को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जाएगा.

उत्तराखंड सरकार पहले से ही ग्राम्या-2 जैसी विभिन्न जलागम परियोजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण विकास को गति देने का प्रयास कर रही है. अमझर परियोजना को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.