उत्तराखंड में मानसून से पहले एक्शन में सीएम धामी, अफसरों को दिए कई बड़े निर्देश, गर्भवती महिलाओं को मिलेगी हेली एम्बुलेंस

उत्तराखंड में मानसून से पहले तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

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Ashutosh Rai

मानसून सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समीक्षा बैठक में सड़क, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए. इससे बारिश के दौरान लोगों को कम से कम परेशानी होगी.

सड़क और आधारभूत ढांचे पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले पुलों, कल्वर्टों और ड्रेनेज सिस्टम की जांच पूरी कर ली जाए. उन्होंने कहा कि नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई समयबद्ध तरीके से कराई जाए. इससे भारी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने. मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून के बाद 15 नवंबर तक राज्य की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त बनाया जाएगा. पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अधूरे पड़े कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.

स्वास्थ्य सेवाओं और राहत व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने के निर्देश दिए. दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अस्पतालों के पास अस्थायी ठहराव व्यवस्था और आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस उपलब्ध कराने को कहा गया. स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर बल दिया गया.


भूस्खलन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर रहेगी नजर

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूस्खलन संभावित स्थलों, बाढ़ प्रभावित इलाकों, नदी तटों और भू-कटाव क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार करने को कहा. उन्होंने संवेदनशील गांवों, स्कूलों और अस्पतालों की सूची तैयार रखने के निर्देश भी दिए. चारधाम यात्रा मार्गों, राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों के संवेदनशील बिंदुओं का भौतिक निरीक्षण करने पर जोर दिया गया. मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक पहुंचाने और पर्यटकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए.