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CBSE Result 2025: उत्तराखंड में ठाकुर रुद्र प्रताप सिंह ने 499 नंबर लाकर किया टॉप , PM मोदी के साथ कर चुके हैं लंच

CBSE Results 2025: 13 मई 2025 को सीबीएसई क्लास 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी हुआ था. उत्तराखंड उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर के ठाकुर रुद्र प्रताप सिंह ने टॉप किया है.  रुद्र ने दसवीं की परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल कर राज्यभर में तहलका मचा दिया है.

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Edited By: Princy Sharma
CBSE Result 2025: उत्तराखंड में ठाकुर रुद्र प्रताप सिंह ने 499 नंबर लाकर किया टॉप , PM मोदी के साथ कर चुके हैं लंच
Courtesy: Social Media

CBSE Results 2025: 13 मई 2025 को सीबीएसई क्लास 10वीं क्लास का रिजल्ट जारी हुआ था. उत्तराखंड उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर शहर के ठाकुर रुद्र प्रताप सिंह ने टॉप किया है.  रुद्र ने दसवीं की परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल कर राज्यभर में तहलका मचा दिया है. इस फलता के साथ रुद्र ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया और अब वह हर किसी के लिए प्रेरणा बन गया है. 

रुद्र प्रताप सिंह ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का क्रेडिट अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है. रुद्र ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के घर पर ही एक ठोस टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई की. रुद्र ने हमेशा खुद पर विश्वास रखा और यह साबित कर दिया कि अगर मेहनत और समर्पण हो, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है.

बिना कोचिंग के किया टॉप

रुद्र ने किसी भी कोचिंग संस्थान से प्रशिक्षण नहीं लिया, बल्कि घर पर ही एक निश्चित समय सारणी बनाकर अपनी पढ़ाई की. उनका मानना है कि यदि आपकी मेहनत सच्ची हो तो सफलता अपने आप कदम चूमती है. रुद्र का अगला लक्ष्य आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है. असका सपना है कि वह भारत में सबसे बड़ी तकनीकी संस्थान से शिक्षा प्राप्त करें और एक दिन देश के लिए कुछ बड़ा करें. 

पीएम मोदी के साथ लंच

रुद्र की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुकता. उन्हें भारत सरकार के युवा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, जहां उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंच करने का अवसर मिला. इस कार्यक्रम में उन्होंने सशक्त विकास पर प्रेजेंटेशन दिया, जिसे सभी ने सराहा.

नासा में अंतरिक्ष विज्ञान पर कार्य 

रुद्र को नासा में अंतरिक्ष विज्ञान के रिसर्च के तौर पर भी चयनित किया गया था, जिसके बाद उन्होंने ISRO में युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम में भी ट्रेनिंग ली. यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा और उनके भविष्य के लिए प्रेरणा का सोर्स है.